क्या शाइना एनसी ने अखिलेश यादव को एसआईआर पर नसीहत दी?
सारांश
Key Takeaways
- एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना है।
- बिना सबूत के अफवाहें फैलाना गलत है।
- भारत की अर्थव्यवस्था में वृद्धि हो रही है।
- निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में तेजी देखने को मिली है।
- भारत का लक्ष्य 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।
मुंबई, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा एसआईआर के माध्यम से लोगों के मताधिकार को छीनने के बयान पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव एक प्रमुख नेता हैं, इसलिए उन्हें बोलने से पहले ध्यान करना चाहिए। एसआईआर का उद्देश्य वोट छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है।
शाइना एनसी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए यह आवश्यक है कि डुप्लीकेट नाम हटाए जाएं, ऐसे नाम जो गलती से दो बार शामिल हुए हों और वे नाम भी हटें जो अवैध रूप से सूची में आए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी के अधिकार को छीनना नहीं है, बल्कि हर नागरिक के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि अखिलेश यादव को कोई शिकायत है तो उन्हें चुनाव आयोग के पास जाकर शिकायत करने का पूरा अधिकार है, लेकिन बिना कारण डर फैलाना या गलत जानकारी देना सही नहीं है। उन्होंने बताया कि विपक्ष कभी ईवीएम पर सवाल उठाता है, कभी चुनाव आयोग पर और कभी किसी अन्य कारण से नकारात्मक माहौल बनाता है, जबकि भारत एक मजबूत और समृद्ध लोकतंत्र है, जहां बूथ लेवल ऑफिसर से लेकर चुनाव आयोग तक सभी की जिम्मेदारी है कि चुनाव निष्पक्ष हों। इसलिए किसी को भी बिना सबूत के अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए।
इस दौरान, शाइना एनसी ने भारत की अर्थव्यवस्था पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में 8.2 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि हुई है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं कठिनाइयों का सामना कर रही हैं, तब भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि सेकेंडरी सेक्टर यानी उद्योग और निर्माण में लगभग 8.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निर्माण क्षेत्र 7.2 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग 9 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।
इसी तरह, टर्शियरी सेक्टर सेवाएँ भी 9.2 प्रतिशत की तेज रफ्तार से बढ़ी हैं। खासकर वित्त, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज़ में लगभग 10.2 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखने को मिली। कृषि क्षेत्र में भी 3.5 प्रतिशत की स्थिर बढ़त दर्ज हुई। प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर 7.9 प्रतिशत बढ़ा है।
शाइना एनसी ने कहा कि भारत अब तेजी से उन देशों की कतार में खड़ा हो रहा है जो विकसित बनने की राह पर हैं और आने वाले वर्षों में भारत का लक्ष्य 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है।