केरल में एनडीए की स्थिति कमजोर, केवल 2-3 सीटों पर हो सकता है मुकाबला: शशि थरूर
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल का समर्थन कांग्रेस करती है, लेकिन कई सवाल अनुत्तरित हैं।
- एनडीए की स्थिति केरल में कमजोर है, केवल 2-3 सीटों पर संभावित मुकाबला।
- सबरीमाला मुद्दा सामाजिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
तिरुवनंतपुरम, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य, सबरीमाला मुद्दा और महिला आरक्षण बिल पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन सरकार के प्रस्तावित तरीके के संदर्भ में कई प्रश्न अभी भी अनुत्तरित हैं।
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से इसका समर्थन करती आई है। उन्होंने याद दिलाया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में सोनिया गांधी के नेतृत्व में यह बिल पहली बार पेश किया गया था और यह राज्यसभा में पारित हुआ। इसके बाद, एनडीए सरकार के दौरान इसे लोकसभा से सर्वसम्मति से पास किया गया, जिसमें सभी दलों ने समर्थन दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि असली सवाल बिल के 'मैकेनिज्म' यानी इसे लागू करने के तरीके को लेकर है। सरकार 16 तारीख को नया सत्र बुलाने की योजना बना रही है, लेकिन अभी तक बिल का मसौदा उपलब्ध नहीं हुआ है। हमें यह जानने की आवश्यकता है कि वे क्या संशोधन करना चाहते हैं और इसे कैसे लागू करेंगे। मीडिया में कई प्रकार की अटकलें चल रही हैं, लेकिन जब तक बिल का मसौदा सार्वजनिक नहीं होता, तब तक इसके प्रभावों पर स्पष्ट राय व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह संसद के कार्यों या देश की संघीय प्रणाली को प्रभावित करेगा?
केरल की राजनीति पर थरूर ने कहा, "एनडीए केरल में जीरो सीट वाली पार्टी है। उसकी सरकार बनाने में कोई विश्वसनीयता नहीं है।" उन्होंने दावा किया कि 140 सीटों में से केवल 2-3 सीटों पर ही एनडीए को गंभीर दावेदार माना जा सकता है, और कहीं भी वह बढ़त में नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला अवश्य है, लेकिन अंतिम निर्णय जनता के हाथ में है। हम लोकतंत्र का सम्मान करते हैं, और जनता जो निर्णय करेगी, वही अंतिम होगा। यदि एनडीए को एक-दो सीटें भी मिलती हैं, तो इससे सरकार गठन पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सबरीमाला मुद्दे पर शशि थरूर ने इसे जनता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, "यह किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति इससे संबंधित है। हम सभी सबरीमाला में पूजा करने जाते हैं, और जब वहां से मूर्तियों का सोना चोरी होने जैसी घटनाएं होती हैं, तो यह हमारी आस्था को ठेस पहुंचाती है।" उन्होंने इस घटना को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कठोर सजा मिलनी चाहिए।
शशि थरूर ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सभी दल सहमत हैं, यहां तक कि सत्ता में बैठी वामपंथी सरकार भी मानती है कि अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। इससे किसी एक पार्टी को विशेष राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला, क्योंकि इस मुद्दे पर हर कोई नाराज है।