शीतला माता मंदिर हादसा: सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन, 3 थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर के ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास 18 अक्टूबर 2026 को हुए भीषण ट्रक हादसे में 12 लोगों की मौत और 27 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तीन थाना प्रभारियों समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सीएसपी रवि भदौरिया को पद से हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे इस मामले में कुल 9 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
हादसे का घटनाक्रम
जिला मुख्यालय ग्वालियर से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के बाहरी प्रमुख गेट के पास धान की बोरियों से लदा एक ट्रक पहाड़ी घाटी से नीचे उतरते समय अनियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक चीनोर की दिशा से आ रहा था, और घाटी पर काबू खोते ही वह गेट के निकट बनी दुकानों में जा घुसा।
इस हादसे में मंदिर परिसर के बाहर मौजूद करीब 50 श्रद्धालु और राहगीर इसकी चपेट में आ गए। कई दुकानें ध्वस्त हो गईं और अनेक दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुँचा और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
मृतकों और घायलों की स्थिति
हादसे में अब तक 12 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। दो पुलिसकर्मियों और कुछ बच्चों सहित 27 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार शासकीय व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।
मुआवज़े और राहत की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता और गंभीर रूप से घायलों को ₹2-2 लाख की राहत राशि देने की घोषणा की है। अन्य घायलों को ₹50-50 हज़ार की मदद दी जाएगी। साथ ही मंत्री एदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को तत्काल ग्वालियर पहुँचने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और जवाबदेही
मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'कर्तव्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय की जाएगी और कठोर कार्रवाई होगी।' गौरतलब है कि धार्मिक स्थलों के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा मानकों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार प्रशासनिक निष्क्रियता की कीमत एक दर्जन से अधिक लोगों की जान से चुकानी पड़ी।
आगे की कार्रवाई
मामले की उच्चस्तरीय जाँच के संकेत दिए गए हैं। ट्रक चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब नवरात्र पर्व के दौरान धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और भारी वाहन नियंत्रण की ज़िम्मेदारी सीधे स्थानीय पुलिस प्रशासन पर होती है।