18 अक्टूबर 2026
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ग्वालियर सड़क हादसा: मृतकों की संख्या 14 हुई, गृह मंत्रालय ने जताई संवेदना

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ग्वालियर सड़क हादसा: मृतकों की संख्या 14 हुई, गृह मंत्रालय ने जताई संवेदना

सारांश

ग्वालियर के चीनोर रोड पर शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की भीषण सड़क दुर्घटना में 14 की मौत, 27 घायल। गृह मंत्रालय और भाजपा-कांग्रेस दोनों ने शोक जताया; कांग्रेस विधायक ने ₹50 लाख मुआवजे की माँग उठाई।

मुख्य बातें

ग्वालियर के चीनोर रोड पर शीतला माता मंदिर के निकट सड़क दुर्घटना में 14 लोगों की मौत, 27 घायल ।
पुलिस ने 14 में से 11 मृतकों की पहचान की, 3 की शिनाख्त अभी बाकी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय और मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक्स पर शोक व्यक्त किया।
कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार ने मृतकों के परिजनों को ₹50 लाख और घायलों को ₹25 लाख मुआवजे की माँग की।
मंत्री राकेश शुक्ला ने ट्रॉमा सेंटर पहुँचकर जाँच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जयारोग्य अस्पताल में कुछ घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चीनोर रोड पर शीतला माता मंदिर के निकट हुई भीषण सड़क दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है और 27 लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। 18 अक्टूबर 2026 को सामने आए इस हादसे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक शोक व्यक्त किया गया है।

हादसे का विवरण और पीड़ितों की पहचान

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 14 मृतकों में से पुलिस ने अब तक 11 की पहचान कर ली है, जबकि तीन मृतकों की शिनाख्त अभी बाकी है। पहचाने गए मृतकों में महलगांव निवासी सतेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ जगदीश सिंह, राजीव नगर निवासी सरला तोमर, खुरेरी के बड़ागांव निवासी गौरव परिहार, श्योपुर के सहसराम निवासी महेश शर्मा, शिवपुरी जिले के महागावरा निवासी विमलेश और भितरवार के मावटा निवासी देवेश बघेल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, ठाठीपुर निवासी प्रिंस उर्फ छोटू जाटव, श्योपुर के सहसराम निवासी शौर्य शर्मा, शिवनगर गदाईपुरा निवासी हेमंत राठौर, महेशपुरा निवासी दिव्यांश कुशवाह और गदाईपुरा निवासी पवन राठौर की भी इस हादसे में मृत्यु हुई है।

अस्पताल में घायलों की स्थिति

जयारोग्य अस्पताल समूह के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने बताया कि उनके अस्पताल में 13 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। करीब 10 मरीज प्रारंभिक उपचार के बाद घर जा चुके हैं, जबकि शेष घायलों का उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

गृह मंत्रालय और राजनीतिक प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस हादसे को 'अत्यंत दुखद' बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी एक्स पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की असमय मौत हृदय को द्रवित करने वाली है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।

वहीं, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला ट्रॉमा सेंटर पहुँचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पीड़ितों को हर संभव सहायता दिलाई जाएगी और जाँच के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुआवजे की माँग और परिजनों का आक्रोश

हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिजनों ने हंगामा किया। ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार भी वहाँ पहुँचे और शोकाकुल परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मृतकों के परिजनों को ₹50-50 लाख और घायलों को ₹25-25 लाख मुआवजा दिए जाने की माँग की।

विधायक सिकरवार ने कहा, 'यह हादसा बेहद दुखद है और प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल पहले भी उठते रहे हैं।

आगे की जाँच और प्रशासनिक कदम

गौरतलब है कि हादसे के कारणों की आधिकारिक जाँच जारी है। मंत्री शुक्ला के अनुसार, दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले दिनों में मुआवजे और प्रशासनिक जवाबदेही पर निर्णय अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन की पुरानी विफलता का नया प्रमाण है। मध्य प्रदेश में मंदिर-मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ और अपर्याप्त सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल वर्षों से उठते रहे हैं, लेकिन ठोस बदलाव नहीं आया। मुआवजे की राजनीतिक माँगें तत्काल ज़रूरी हैं, परंतु असली जवाबदेही तय होनी चाहिए — जाँच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि सड़क की स्थिति, वाहन की तकनीकी खामी या प्रशासनिक लापरवाही में से कौन-सा कारण इस त्रासदी का मूल है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्वालियर सड़क हादसा कहाँ और कैसे हुआ?
यह हादसा ग्वालियर के चीनोर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास हुआ, जब श्रद्धालु दर्शन के लिए जा रहे थे। दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई और 27 घायल हुए।
ग्वालियर हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
इस दुर्घटना में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 27 लोग घायल हैं। जयारोग्य अस्पताल समूह के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
मृतकों के परिजनों को कितना मुआवजा मिलेगा?
कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार ने प्रदेश सरकार से मृतकों के परिजनों को ₹50-50 लाख और घायलों को ₹25-25 लाख मुआवजा देने की माँग की है। सरकार ने अभी तक मुआवजे की राशि की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हादसे पर क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर इस हादसे को 'अत्यंत दुखद' बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मंत्रालय ने घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
हादसे की जाँच और आगे की कार्रवाई क्या होगी?
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला ने ट्रॉमा सेंटर पहुँचकर कहा कि मामले की जाँच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जाँच अभी जारी है और आने वाले दिनों में प्रशासनिक जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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