ग्वालियर ट्रक हादसा: शीतला माता मंदिर के पास 14 की मौत, 27 घायल; कांग्रेस विधायक ने ₹50 लाख मुआवजे की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के निकट एक बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से दो और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे इस दर्दनाक हादसे में कुल मृतकों की संख्या 14 हो गई है। 18 अक्टूबर 2026 को सामने आए इस अपडेट के अनुसार, 27 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है, जबकि पुलिस अभी तक तीन मृतकों की पहचान नहीं कर पाई है।
मृतकों की पहचान
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 11 मृतकों की पहचान की जा चुकी है। मारे गए लोगों में महलगांव निवासी सतेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ जगदीश सिंह, राजीव नगर निवासी सरला तोमर पत्नी राजेंद्र सिंह तोमर, खुरेरी के बड़ागांव निवासी गौरव परिहार पुत्र कमलेश परिहार, तथा श्योपुर के सहसराम निवासी महेश शर्मा पुत्र मातादीन शर्मा शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, शिवपुरी जिले के महागावरा निवासी विमलेश, भितरवार के मावटा निवासी देवेश बघेल पुत्र हरिसिंह बघेल, ठाठीपुर निवासी प्रिंस उर्फ छोटू जाटव पुत्र संतोष जाटव, श्योपुर के सहसराम निवासी शौर्य शर्मा पुत्र संजय शर्मा, शिवनगर गदाईपुरा के हेमंत राठौर पुत्र बंटी राठौर, महेशपुरा के दिव्यांश कुशवाह पुत्र अशोक कुशवाह, तथा गदाईपुरा के पवन राठौर पुत्र विद्याराम राठौर की भी मृत्यु की पुष्टि हुई है।
अस्पताल में स्थिति
जयारोग्य अस्पताल समूह के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने बताया कि उनके अस्पताल में 13 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि करीब 10 मरीज प्रारंभिक उपचार के बाद घर जा चुके हैं। कुछ मरीजों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
विपक्ष की माँग और राजनीतिक प्रतिक्रिया
पोस्टमार्टम हाउस पर शोकसंतप्त परिजनों के हंगामे के बीच ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार पहुँचे और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। विधायक सिकरवार ने कहा, 'यह हादसा दुखद है। हमारी माँग है कि प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने माँग की कि मृतकों के परिजनों को ₹50-50 लाख तथा घायलों को ₹25-25 लाख मुआवजा दिया जाए।
सरकार का आश्वासन
ट्रामा सेंटर पर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला भी पहुँचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री के माध्यम से संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया। मंत्री शुक्ला ने यह भी कहा कि जाँच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
तीन अज्ञात मृतकों की पहचान के लिए पुलिस जाँच जारी है। मुआवजे और जवाबदेही की माँग को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पहले से ही चर्चा का विषय रही है।