ग्वालियर सड़क हादसा: जीतू पटवारी की माँग — पीड़ित परिवारों को ₹25-25 लाख मुआवजा दिया जाए
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 22 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में ग्वालियर सड़क हादसे में घायल श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने माँग की कि हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को कम से कम ₹25-25 लाख का मुआवजा दिया जाए और घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करे।
हादसे का मंजर और पटवारी की माँग
पटवारी ने ग्वालियर के इस दर्दनाक हादसे में 16 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह हादसा कई परिवारों के जीवन में कभी न भरने वाला घाव छोड़ गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति इतनी नाजुक थी कि उन्हें बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवारों को केवल आश्वासन देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। सरकार को हादसे की निष्पक्ष जाँच कराकर लापरवाह अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल
पटवारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में लगातार घट रही ऐसी घटनाएँ पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था तथा जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्थाएँ और सतर्कता बरती जाती, तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती थीं।
उन्होंने कहा, 'सड़क सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करना अब समय की माँग है।' पटवारी ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार का दायित्व केवल हादसे के बाद सहायता राशि घोषित करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है जिससे आम नागरिकों की जान सुरक्षित रहे।
मध्य प्रदेश में हादसों की शृंखला
पटवारी ने ग्वालियर हादसे को अकेली घटना नहीं, बल्कि एक बड़े संकट का हिस्सा बताया। उन्होंने छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत, बालाघाट हादसा, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, सागर का शराब कांड और बैतूल में खाटू श्याम दर्शन के लिए जा रहे परिवार के साथ हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन तमाम घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि इन सभी घटनाओं में प्रभावित परिवारों को न्याय, उचित उपचार और पर्याप्त आर्थिक सहायता दिलाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
आगे की माँगें और अपेक्षाएँ
पटवारी ने तीन सूत्री माँग रखी — मृतकों के प्रत्येक परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा, घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन, और हादसे के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने की भी अपील की।
कांग्रेस नेता की इस माँग के बाद राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर टिकी है — और यह देखना बाकी है कि सरकार मुआवजे और जवाबदेही के मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।