18 अक्टूबर 2026
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ग्वालियर में बेकाबू ट्रक ने शीतला माता मंदिर के पास दुकानों को रौंदा, 12 की मौत, 27 घायल

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ग्वालियर में बेकाबू ट्रक ने शीतला माता मंदिर के पास दुकानों को रौंदा, 12 की मौत, 27 घायल

सारांश

नवरात्रि के मौसम में श्रद्धालुओं से भरे शीतला माता मंदिर के बाहर बेकाबू ट्रक ने कहर बरपाया — 12 जानें गईं, 27 घायल। बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रक वहाँ कैसे पहुँचा, यह सवाल प्रशासनिक लापरवाही की पूरी परत खोल रहा है।

मुख्य बातें

18 अक्टूबर 2026 को ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक हादसे में 12 लोगों की मौत हुई।
ट्रक की चपेट में करीब 50 लोग आए; 27 से अधिक घायल , जिनमें दो पुलिसकर्मी और कुछ बच्चे शामिल।
पाँच लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर; मृतकों के शव जयारोग्य अस्पताल, ग्वालियर में।
नवरात्रि के दौरान बड़े वाहनों पर प्रतिबंध होने के बावजूद ट्रक वहाँ पहुँचा — जाँच जारी।
दो से तीन दुकानें पूरी तरह ध्वस्त; मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुआवज़े और निःशुल्क इलाज की माँग।

ग्वालियर में 18 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 लोगों की जान चली गई और 27 से अधिक लोग घायल हो गए, जब धान की बोरियों से लदा एक ट्रक शीतला माता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास बनी दुकानों में घुस गया। जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर के बाहर हुए इस हादसे में करीब 50 लोग ट्रक की चपेट में आए। घायलों में दो पुलिसकर्मी और कुछ बच्चे भी शामिल हैं।

हादसे का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चीनोर की दिशा से आ रहा ट्रक घाटी से नीचे उतरते समय अचानक अनियंत्रित हो गया और शीतला माता मंदिर के प्रमुख बाहरी गेट के पास खड़ी दुकानों में जा घुसा। ट्रक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि दो से तीन दुकानें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं और कई दोपहिया वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने परिजनों को ट्रक के मलबे तले से खींचने की कोशिश करते रहे।

दुकानदार बबलू प्रजापति ने बताया कि हादसे के समय उनकी दुकान पर उनके पिता और दो रिश्तेदार मौजूद थे — कुल चार लोग घायल हुए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रक बहुत तेज़ गति से नीचे आया और इसी कारण दुकानें पूरी तरह तबाह हो गईं।

राहत एवं बचाव कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँचीं और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। मृतकों के शव को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, करीब पाँच लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

जाँच और लापरवाही के सवाल

गौरतलब है कि नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर के पास से गुजरने वाले मार्ग पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होता है। इसके बावजूद इस ट्रक को वहाँ से क्यों और किसने गुजरने दिया — यह सवाल अब जाँच के केंद्र में है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ट्रक को एंट्री देने में हुई लापरवाही की पड़ताल की जा रही है।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'जब मैंने चारों ओर देखा, तो वहाँ भारी अफरा-तफरी और कोहराम मचा हुआ था। लोग चीख-पुकार कर रहे थे और घबराहट में अपने परिजनों को ढूंढ रहे थे। लोगों को ट्रक के नीचे फंसा हुआ देखना बेहद दुखद था।' उन्होंने इसे 'ग्वालियर प्रशासन की घोर लापरवाही' बताते हुए मुख्यमंत्री से मुआवज़े और घायलों के मुफ्त इलाज की माँग की।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

शीतला माता मंदिर में नवरात्रि के मौसम में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। हादसे के वक्त भी मंदिर परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिसके कारण जनहानि और अधिक हुई। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि इस मंदिर में आस्था इतनी गहरी है कि यहाँ 'नारियल तक नहीं फोड़े जाते', ऐसे पवित्र स्थान के पास हुई यह त्रासदी श्रद्धालुओं के लिए गहरा आघात है।

आगे क्या होगा

प्रशासनिक जाँच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि नवरात्रि प्रतिबंध के बावजूद ट्रक को मंदिर मार्ग से किसने प्रवेश दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव से पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने और घायलों के निःशुल्क उपचार की माँग उठ रही है। यह हादसा मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी अनुपालन का सवाल हर हादसे के बाद अनुत्तरित रह जाता है। असली जवाबदेही तय होनी चाहिए — ट्रक को एंट्री देने वाले पर, न केवल चालक पर। जब तक जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, पीड़ित परिवारों का न्याय की माँग करना पूरी तरह उचित है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा क्या है?
18 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास धान की बोरियों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर दुकानों में घुस गया, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और 27 से अधिक घायल हो गए। हादसे में करीब 50 लोग ट्रक की चपेट में आए।
हादसे में कितने लोग मारे गए और घायल हुए?
हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है और 27 से अधिक घायल हैं, जिनमें दो पुलिसकर्मी और कुछ बच्चे भी शामिल हैं। करीब पाँच लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
नवरात्रि पर बड़े वाहनों पर प्रतिबंध के बावजूद ट्रक वहाँ कैसे पहुँचा?
नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर के पास से बड़े वाहनों का गुजरना प्रतिबंधित होता है, लेकिन इस ट्रक को किसने प्रवेश दिया — इसकी जाँच अधिकारियों द्वारा की जा रही है। यह प्रशासनिक लापरवाही की आशंका को बल देता है।
मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा मिलेगा?
स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुआवज़े और घायलों के निःशुल्क इलाज की माँग की है। प्रशासन की ओर से पीड़ितों को सहायता देने की बात कही गई है, लेकिन आधिकारिक मुआवज़ा राशि की घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
शीतला माता मंदिर ग्वालियर का क्या महत्व है?
शीतला माता मंदिर ग्वालियर जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर स्थित एक ऐतिहासिक और आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहाँ लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिससे मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र बेहद भीड़भाड़ वाला हो जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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