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शेफाली शाह ने बढ़ती उम्र और शारीरिक परिवर्तनों पर आत्म स्वीकृति का संदेश दिया

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शेफाली शाह ने बढ़ती उम्र और शारीरिक परिवर्तनों पर आत्म स्वीकृति का संदेश दिया

सारांश

अभिनेत्री शेफाली शाह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बढ़ती उम्र और आत्म स्वीकृति पर गंभीरता से विचार किया। उनके प्रेरणादायक संदेश ने महिलाओं को खुद को अपनाने का प्रोत्साहन दिया।

मुख्य बातें

आत्म स्वीकृति का महत्व बढ़ती उम्र के बदलावों को स्वीकार करना खुद को प्यार करना और बिना शर्म के जीना हास्य के साथ जीवन के चुनौतियों का सामना करना महिलाओं के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करना

मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने और लैंगिक समानता की जागरूकता फैलाने में है। आज भी कहीं न कहीं महिलाओं पर ब्यूटी स्टैंडर्ड का दबाव होता है, लेकिन अभिनेत्री शेफाली शाह ने महिलाओं को खुद को पूरी तरह अपनाने का विशेष संदेश दिया है।

शुक्रवार को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से, उन्होंने महिलाओं को बढ़ती उम्र, शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं, आत्म स्वीकृति, खुद से प्यार करने और बिना शर्म के जीने के लिए प्रेरित किया।

अभिनेत्री ने एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने बढ़ती उम्र से होने वाले शारीरिक परिवर्तनों और महिला होने के नए दृष्टिकोण पर खुलकर विचार किए।

वीडियो में उन्होंने कहा, "बचपन में मेरे लिए एक औरत होना कुछ अलग था। पहले मैं ऐसे कपड़े पहनती थी, जिनमें मैं अच्छी दिखती थी, लेकिन अब मैं उन कपड़ों को चुनती हूं, जिनमें मैं अच्छा महसूस करती हूं। पहले मैं कुछ कपड़े संभालकर रखती थी, सोचती थी कि जब मेरा शरीर मॉडल जैसा होगा, तब पहनूंगी। अब मेरी अलमारी में ऐसी उम्मीदों के लिए जगह नहीं है।"

उन्होंने हास्य में कहा कि उम्र के साथ आने वाले बदलावों में उनके दवाइयों का पाउच अब उनके मेकअप पाउच से भारी हो गया है। लिबिडो और धैर्य की भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा, "अब औपचारिक बातचीत या बेवजह की चर्चाएं पसंद नहीं हैं।"

शेफाली ने कहा कि अब वे बिना किसी झिझक के खुद पर मजाक कर सकती हैं और खुलकर हंस सकती हैं। उन्होंने मजाक में कहा, "कभी-कभी गैस या पेट फूलने को 'खुशहाल प्रेग्नेंसी' कह देती हूं।"

उन्होंने अपनी जिंदगी को तीन हिस्सों में बांटते हुए कहा, "मेरी जिंदगी का समय अब तीन हिस्सों में बंट गया है: पेरिमेनोपॉज, मेनोपॉज, और पोस्टमेनोपॉज। लेकिन चाहे मेनोपॉज हो या न हो, मैं भी हॉट हूं… और आप भी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

शेफाली शाह का यह संदेश महिलाओं को आत्म स्वीकृति और उम्र के साथ बदलावों को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करता है। यह एक महत्वपूर्ण संवाद है जो सामाजिक मानदंडों को चुनौती देता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेफाली शाह ने क्या संदेश दिया?
उन्होंने महिलाओं को खुद को अपनाने और बढ़ती उम्र के बदलावों को स्वीकार करने का संदेश दिया।
क्या शेफाली शाह ने शरीर के बदलावों पर चर्चा की?
हाँ, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बढ़ती उम्र से होने वाले शारीरिक परिवर्तनों पर खुलकर बात की।
राष्ट्र प्रेस
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