शिवकुमार का बड़ा बयान: कांग्रेस के बिना भारत को लोकतंत्र नहीं मिलता, राहुल गांधी को बताया वैश्विक नेता
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 23 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बिना देश को लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं मिल पाती। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक ऐसा नेता बताया जिनकी ओर पूरी दुनिया की नज़रें टिकी हुई हैं।
मुख्य बयान और संदर्भ
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने ये टिप्पणियाँ बेंगलुरु के ताज वेस्ट एंड होटल में पत्रकारों के सवालों के जवाब में दीं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा राहुल गांधी की लगातार विदेश यात्राओं की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं। कई विदेशी नेता और विश्वविद्यालय उन्हें आमंत्रित करते हैं। वे एक ऐसे नेता हैं जिनकी ओर पूरी दुनिया देख रही है।'
शिवकुमार ने कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी का गौरवशाली इतिहास है। अगर कांग्रेस का अस्तित्व न होता, तो इस देश को लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं मिल पाती। प्रधानमंत्री भी यह बात जानते हैं। हमें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए।'
मोदी और लोकतंत्र पर सीधा निशाना
शिवकुमार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जिस पद पर हैं, वह कांग्रेस द्वारा देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने के कारण ही संभव हो पाया है। उनके अनुसार, 'कांग्रेस पार्टी ने ही देश को लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है, इसलिए प्रधानमंत्री आज उस पद पर हैं।' यह टिप्पणी सत्तारूढ़ दल पर सीधा राजनीतिक प्रहार मानी जा रही है।
'लोकतंत्र मार्च' विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह बयान नई दिल्ली में 12 अक्टूबर को हुए इंडिया ब्लॉक के 'लोकतंत्र मार्च' से जुड़े एक राजनीतिक विवाद के कुछ दिन बाद आया है। इस मार्च का आयोजन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ और विशेष गहन पुनरीक्षण की चुनावी निष्पक्षता पर चिंता जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय की ओर जाने के लिए किया गया था। उस दौरान एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की घटना दिखाई दी।
बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या सहित BJP नेताओं ने इस वीडियो को लेकर राहुल गांधी पर अहंकार और विशेषाधिकार की भावना दिखाने का आरोप लगाया।
शिवकुमार का पलटवार
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इन आरोपों को BJP की गलत सूचना करार दिया। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा किसी को धक्का दिए जाने या अपमानित किए जाने से साफ़ इनकार किया। शिवकुमार ने राहुल गांधी के साथ अपने रिश्ते को 'विश्वास, स्नेह और परिवार' का बताते हुए जनता से आग्रह किया कि वे 10 सेकंड की संक्षिप्त वीडियो क्लिप का गलत अर्थ न निकालें, बल्कि विरोध प्रदर्शन के मूल मुद्दों पर ध्यान दें।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार भीतरी दबावों और केंद्र से लगातार टकराव का सामना कर रही है। शिवकुमार के इस बयान को राहुल गांधी की राष्ट्रीय छवि को मज़बूत करने के कांग्रेस के व्यापक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आगामी चुनावी मौसम में विपक्ष की एकजुटता और नेतृत्व की विश्वसनीयता केंद्रीय मुद्दा बनती जा रही है।