उपचुनाव जीत पर शिवराज सिंह चौहान बोले — 'मोदी नेतृत्व पर जनता की मुहर, विपक्ष संविधान को कर रहा कमज़ोर'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 अक्टूबर 2026 को भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान हालिया उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा केंद्र सरकार की विकास नीतियों पर देशवासियों के अटूट भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जनता 'विकसित भारत' के निर्माण के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को क्षति पहुँचाने और अराजकता फैलाने का गंभीर आरोप लगाया।
उपचुनाव परिणाम: BJP-NDA की जीत
चौहान ने कहा कि बंगाल, असम और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों में BJP और NDA को शानदार सफलता मिली है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले राजस्थान और त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी को जनसमर्थन प्राप्त हुआ था। उनके अनुसार इन नतीजों को महज चुनावी जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए — ये जनता की भावना का स्पष्ट प्रतिबिंब हैं।
चौहान ने कहा, 'चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की जनता विकास, स्थिरता और प्रगति को प्राथमिकता दे रही है।' उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।
विपक्ष पर हमला: संविधान और लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप
विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए चौहान ने आरोप लगाया कि चुनावी मैदान में हार के बाद विपक्ष निराश और हताश है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के ज़रिये सत्ता हासिल करने में नाकाम रहने के बाद सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करना, लोकतंत्र के प्रति जनता के विश्वास को घटाना और संविधान की मर्यादाओं का उल्लंघन करना है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष को विदेशी ताकतों का समर्थन प्राप्त है — हालाँकि इस आरोप के समर्थन में उन्होंने कोई विशिष्ट साक्ष्य या उदाहरण प्रस्तुत नहीं किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त विवाद पर प्रतिक्रिया
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए चौहान ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष बाहरी ताकतों के प्रति सहानुभूति दिखाता है, लेकिन अपने ही देश के संस्थानों के प्रति कठोर रवैया अपनाता है।
दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए चौहान ने उन्हें 'अराजकता फैलाने की कोशिश' करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को भारतीय उद्यमियों की तरक्की से परेशानी है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों का साथ देने का आरोप लगाया — यह भी बिना किसी ठोस प्रमाण के।
विकसित भारत का संकल्प और आगे का रास्ता
चौहान ने कहा कि एक ओर जहाँ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर है, वहीं विपक्ष विरोध प्रदर्शनों के ज़रिये माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगा है। उन्होंने इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की साजिश बताया।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब BJP और NDA ने कई राज्यों के उपचुनावों में अपनी स्थिति मजबूत की है और पार्टी 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए अपनी राजनीतिक ज़मीन तैयार करने में जुटी है। आने वाले हफ्तों में इन उपचुनाव नतीजों की राज्यवार विस्तृत समीक्षा राजनीतिक परिदृश्य को और स्पष्ट करेगी।