जम्मू-कश्मीर के विपक्ष नेता सुनील शर्मा बोले: चुनावी रुझान प्रत्याशित, असम-बंगाल में BJP की सरकार तय
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा ने 4 मई 2026 को श्रीनगर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सभी चुनावी राज्यों से आ रहे शुरुआती रुझानों पर किसी को भी आश्चर्य नहीं जताना चाहिए, क्योंकि ये रुझान पूरी तरह प्रत्याशित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और कार्यकर्ता इन परिणामों से पहले से ही अवगत थे।
असम के रुझान: विकास कार्यों का नतीजा
सुनील कुमार शर्मा ने असम के रुझानों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि BJP के शासनकाल में राज्य में जिस पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं, उसके आधार पर यह स्पष्ट है कि इस बार भी प्रदेश में BJP की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि असम में पार्टी को सत्ता से रोकना किसी के लिए संभव नहीं था, क्योंकि जनता ने शासनकाल के विकास कार्यों को देखा और परखा है। इसलिए असम के रुझानों पर हतप्रभ होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
पश्चिम बंगाल: परिवर्तन का दौर
शर्मा ने पश्चिम बंगाल के रुझानों पर भी अपनी राय रखी। उनका कहना था कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल की सभ्यता और नागरिक हितों पर जो कुठाराघात हुआ, उसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) की सराहना करते हुए कहा कि आयोग ने राज्य में चुनाव के बाद होने वाली बड़े पैमाने की हिंसा पर अंकुश लगाने का काम किया और इससे बंगाल की जनता को एक नई ताकत मिली। शर्मा के अनुसार यही कारण है कि आज बंगाल में परिवर्तन का दौर देखने को मिल रहा है।
शर्मा ने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार बनने जा रही है और शुरुआती रुझान भी इसी दिशा में संकेत दे रहे हैं। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि पूरी तस्वीर तब ही साफ होगी जब अंतिम नतीजे सामने आ जाएँ।
पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल पर BJP का दावा
पुडुचेरी को लेकर शर्मा ने विश्वास जताया कि वहाँ भी BJP की सरकार बनने जा रही है। केरल और तमिलनाडु के बारे में उन्होंने कहा कि इन राज्यों में पार्टी का जनाधार बढ़ा है और BJP का विस्तार हुआ है। उनके अनुसार तमिलनाडु में लोगों ने पारंपरिक पार्टियों को खारिज किया है, और BJP मत प्रतिशत के लिहाज से इन दोनों राज्यों में अच्छा प्रदर्शन करेगी।
आगे क्या
शर्मा के बयान ऐसे समय में आए हैं जब देश के कई राज्यों में मतगणना के शुरुआती रुझान सामने आ रहे थे। गौरतलब है कि यह बयान BJP की आधिकारिक स्थिति को प्रतिबिंबित करता है, न कि किसी स्वतंत्र चुनावी विश्लेषण को। अंतिम नतीजे आने के बाद ही वास्तविक राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।