क्या शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की वकालत की?
सारांश
मुख्य बातें
सतना, 11 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को सतना का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने वन नेशन-वन इलेक्शन पर अपने विचार साझा किए और लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की वकालत की।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा बनते हैं। चुनावों के कारण आचार संहिता लागू होती है, विकास कार्य प्रभावित होते हैं, अनावश्यक धन खर्च होता है और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। अपने विचार में, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतने के लिए कई बार ऐसी घोषणाएं की जाती हैं जो व्यावहारिक नहीं होती हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने संविधान में संशोधन करके लोकसभा और विधानसभा चुनावों को संगठित करने की सिफारिश की।
इस अवसर पर, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। कृषि उपकरणों पर जीएसटी कम करने को उन्होंने क्रांतिकारी निर्णय बताया।
केंद्रीय मंत्री ने सतना में खाद की बढ़ती मांग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बारिश अच्छी होने और धान की बोवनी बढ़ने से यूरिया की आवश्यकता अधिक हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। वर्तमान में, सतना जिले में 1500 मीट्रिक टन खाद की रैक पहुँच चुकी है और जरूरत के अनुसार आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। इस बार बारिश अच्छी हुई है, और किसानों की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा।
अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के घर जाकर शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने बताया कि उनके सुरक्षा में रहने वाले साथी के बेटे का 15 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कहा, "जो साथी और कार्यकर्ता बिछड़ गए हैं, वे परिवार के सदस्य थे, इसलिए उनसे मिलने आया हूँ। मेरे मित्र का स्वर्गवास हो गया था, उनके घर संवेदना प्रकट करने गया।"