सिद्दारमैया का वरुणा को वचन: 'पद रहे या न रहे, सेवा जारी रहेगी', बेटे यतींद्र के लिए माँगा आशीर्वाद
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य सिद्दारमैया ने 5 अक्टूबर 2026 को मैसूर के वरुणा विधानसभा क्षेत्र के दासानुरु गाँव में आयोजित एक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि चाहे वे किसी निर्वाचित पद पर रहें या न रहें, वरुणा के लोगों की सेवा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। चार दशकों से अधिक के राजनीतिक जीवन और आठ विधानसभा चुनावों में विजय हासिल करने के बाद सिद्दारमैया का यह संबोधन उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है।
मुख्य घटनाक्रम
दासानुरु गाँव के कार्यक्रम में बोलते हुए सिद्दारमैया ने अपने चार दशकों के राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मैं 40 से ज़्यादा सालों से राजनीति में हूँ और आठ बार चुनाव जीता हूँ। मैंने आठ साल तक मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया है।' उन्होंने यह भी बताया कि वरुणा विधानसभा क्षेत्र से वे तीन बार विधायक चुने गए हैं और इस क्षेत्र के लोगों का आशीर्वाद ही उनकी दो बार मुख्यमंत्री और दो बार विपक्ष के नेता बनने की वजह रही है।
इस्तीफे पर सिद्दारमैया की सफाई
सिद्दारमैया ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पहले ही वचन दिया था कि जब भी वे कहेंगे, इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा, 'मैंने वैसा ही किया है।' यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर महीनों तक चर्चाएँ चलती रहीं। गौरतलब है कि सिद्दारमैया का यह बयान उनके राजनीतिक कद और पार्टी आलाकमान के प्रति उनकी वफादारी दोनों को एक साथ रेखांकित करता है।
वरुणा में विकास कार्यों का लेखाजोखा
सिद्दारमैया ने अपने कार्यकाल के दौरान वरुणा विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों पर संतोष जताया। उन्होंने दावा किया कि अपने चार कार्यकालों में उन्होंने इस क्षेत्र में ₹5,000 करोड़ से अधिक के विकास कार्य कराए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा गरीबों के लिए काम किया और यह संतोष उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अगले डेढ़ साल तक विधायक बने रहेंगे।
बेटे यतींद्र के लिए समर्थन की अपील
सिद्दारमैया ने वरुणा के लोगों से अपने पुत्र और पूर्व विधायक यतींद्र सिद्दारमैया को भी वैसा ही स्नेह और समर्थन देने की अपील की, जैसा उन्हें मिलता रहा है। यह अपील उनके राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर उनकी सोच को स्पष्ट करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकेत यतींद्र के 2028 के विधानसभा चुनाव में वरुणा से उम्मीदवारी की तैयारी की ओर इशारा हो सकता है।
2028 विधानसभा चुनाव की माँग पर मौन
कार्यक्रम के दौरान वरुणा के स्थानीय लोगों ने सिद्दारमैया से 2028 के विधानसभा चुनाव में भी मैदान में उतरने का आग्रह किया। हालाँकि, सिद्दारमैया ने इस माँग पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की और अपना भाषण समाप्त किया। उनका यह मौन आगामी राजनीतिक संभावनाओं को लेकर अटकलों को और हवा देता है।