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सिद्दारमैया की इस्तीफे के अगले दिन राहुल गांधी से मुलाकात, 10 जनपथ पर हुई अहम बैठक

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सिद्दारमैया की इस्तीफे के अगले दिन राहुल गांधी से मुलाकात, 10 जनपथ पर हुई अहम बैठक

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के अगले दिन सिद्दारमैया दिल्ली पहुँचे और 10 जनपथ पर राहुल गांधी से मिले। बैठक में कर्नाटक के राजनीतिक भविष्य और नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा हुई। सिद्दारमैया फिलहाल कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने हुए हैं।

मुख्य बातें

सिद्दारमैया ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया; नए CM के शपथ तक कार्यवाहक CM बने रहेंगे।
शुक्रवार को 10 जनपथ पर राहुल गांधी ने सिद्दारमैया को गले लगाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया ने दो कार्यकाल तक CM रहने का अवसर देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।
AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी बैठक हुई; कर्नाटक के राजनीतिक रोडमैप पर चर्चा।
जॉर्ज , प्रियांक खड़गे और यतींद्र सिद्दारमैया भी उपस्थित रहे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के ठीक एक दिन बाद सिद्दारमैया ने शुक्रवार, 30 मई 2025 को नई दिल्ली में 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया के बीच हुई, जब राज्य में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर चर्चाएँ जारी हैं।

गर्मजोशी से हुआ स्वागत

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सिद्दारमैया का उष्मापूर्ण स्वागत किया — हाथ मिलाने के बाद उन्हें गले लगाया और साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं। सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्हें कर्नाटक के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक माना जाता है।

कर्नाटक का राजनीतिक रोडमैप — चर्चा का केंद्र

सूत्रों ने बताया कि बैठक में कर्नाटक में कांग्रेस के भविष्य के राजनीतिक रोडमैप और राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के संदर्भ में विस्तृत चर्चा हुई। हालाँकि, बैठक का विस्तृत ब्यौरा तत्काल सार्वजनिक नहीं किया गया। गौरतलब है कि गुरुवार को इस्तीफा देने के बाद सिद्दारमैया को नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने को कहा गया है।

खड़गे से भी मिले सिद्दारमैया

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिद्दारमैया ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी बातचीत की। इस बैठक में पूर्व राज्य मंत्री के.जे. जॉर्ज, प्रियांक खड़गे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्दारमैया भी उपस्थित रहे।

बैठक के बाद खड़गे ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'सिद्दारमैया का सार्वजनिक जीवन हमेशा गरिमा, करुणा और सामाजिक न्याय के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता रहा है। साधारण शुरुआत से लेकर कर्नाटक के दो बार मुख्यमंत्री बनने तक, वे समानता, सद्भाव और हाशिए पर पड़े लोगों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में अडिग रहे।'

नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक दिनेश गुंडू राव ने सिद्दारमैया को एक महान नेता बताया जो हमेशा गरीबों और शोषितों के लिए खड़े रहे। राव ने अपने बयान में कहा, 'सत्ता और पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं थे।' उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी हाई कमान के फैसले के अनुसार पद छोड़कर सिद्दारमैया ने पार्टी अनुशासन और विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।

राव ने यह भी याद किया कि सिद्दारमैया ने राज्य के '108वें केंद्रीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र' का उद्घाटन किया था, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किया था। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में सिद्दारमैया ने राव को ऐतिहासिक खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी, जिससे वे लाखों परिवारों के बीच 'अन्नारामैया' के रूप में जाने जाते हैं।

आगे क्या होगा

कर्नाटक में अब नए मुख्यमंत्री के नाम पर कांग्रेस हाई कमान का फैसला निर्णायक होगा। सिद्दारमैया की दिल्ली यात्रा और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात इस बात का संकेत है कि राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया केंद्रीय नेतृत्व की निगरानी में आगे बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि राज्य में नेतृत्व चयन पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व के हाथों में है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर गुटबाज़ी की चर्चाएँ पहले से चल रही थीं। असली सवाल यह है कि क्या हाई कमान ऐसा उत्तराधिकारी चुनेगा जो सिद्दारमैया के सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाए — या राज्य में नई राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश होगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्दारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
सिद्दारमैया ने कांग्रेस पार्टी हाई कमान के फैसले के अनुरूप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। पार्टी नेताओं के अनुसार, उन्होंने पार्टी अनुशासन और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए यह कदम उठाया।
सिद्दारमैया की राहुल गांधी से मुलाकात में क्या हुआ?
10 जनपथ पर हुई बैठक में राहुल गांधी ने सिद्दारमैया को गले लगाकर स्वागत किया। सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के राजनीतिक रोडमैप और नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा हुई, हालाँकि बैठक का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया।
सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री कौन होगा?
अभी तक नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं हुई है। सिद्दारमैया को नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने को कहा गया है। नाम का फैसला कांग्रेस हाई कमान करेगी।
AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सिद्दारमैया के बारे में क्या कहा?
खड़गे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सिद्दारमैया का सार्वजनिक जीवन हमेशा गरिमा, करुणा और सामाजिक न्याय के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता रहा है। उन्होंने सिद्दारमैया के अच्छे स्वास्थ्य और जनता की सेवा में निरंतर योगदान की कामना की।
सिद्दारमैया को 'अन्नारामैया' क्यों कहा जाता है?
सिद्दारमैया ने अपने कार्यकाल के दौरान राज्य भर में लाखों परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना लागू की, जिससे वे लोगों के बीच 'अन्नारामैया' के नाम से जाने जाने लगे। यह उपाधि उनकी गरीब और वंचित तबकों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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