14 जुलाई 2026
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पल्सर सुनी को केरल हाईकोर्ट से झटका, 2017 अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में सजा निलंबन याचिका खारिज

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पल्सर सुनी को केरल हाईकोर्ट से झटका, 2017 अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में सजा निलंबन याचिका खारिज

सारांश

केरल हाईकोर्ट ने 2017 के चर्चित अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में पल्सर सुनी की सजा निलंबन याचिका खारिज कर दी। अदालत ने पीड़िता की गरिमा को प्राथमिकता देते हुए 20 साल की सजा पर रोक लगाने से इनकार किया। मुख्य अपील अभी विचाराधीन है।

मुख्य बातें

केरल हाईकोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को पल्सर सुनी की सजा निलंबन याचिका खारिज की।
ट्रायल कोर्ट ने सुनी को 2017 के अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है।
अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए अलग अपील दायर की है, जो विचाराधीन है।
सरकार ने अदालत को बताया कि सुनी आदतन अपराधी है और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के एक महीने के भीतर ही वह एक अन्य मामले में आरोपी बना था।
अभिनेता दिलीप को इस मामले में अदालत ने पहले ही बरी कर दिया था।

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को 2017 के चर्चित अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य दोषी पल्सर सुनी की सजा निलंबन याचिका खारिज कर दी। सुनी ने अपनी अपील पर अंतिम निर्णय आने तक 20 साल के कठोर कारावास की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया।

अदालत का तर्क

हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में निर्णय लेते समय पीड़िता की गरिमा और सम्मान को सर्वोपरि रखना अनिवार्य है। अदालत ने माना कि सजा पर रोक लगाना न्याय की भावना के विरुद्ध होगा।

ट्रायल कोर्ट का फैसला और लंबित अपील

ट्रायल कोर्ट ने पल्सर सुनी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सुनी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है और सजा रद्द करने की अपील दायर की है, जिस पर सुनवाई अभी विचाराधीन है। इसी अंतराल में उसने अपील के निपटारे तक सजा निलंबित करने की मांग की थी।

पीड़िता और अभियोजन पक्ष की दलीलें

पीड़िता ने अदालत में इस याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक जघन्य अपराध है और विस्तृत सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने दोष सिद्ध किया है। पीड़िता के अनुसार, यदि सजा पर रोक लगाई जाती है तो समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराध की गंभीरता कम होकर दिखाई देगी।

राज्य सरकार और अभियोजन पक्ष ने भी याचिका का विरोध किया। अभियोजन ने अदालत को सूचित किया कि उसने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए एक अलग अपील भी दायर की है, जो फिलहाल विचाराधीन है।

पल्सर सुनी का आपराधिक इतिहास

सरकार ने अदालत को बताया कि पल्सर सुनी एक आदतन अपराधी है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर रहा है। उसने बार-बार जमानत याचिकाएँ दाखिल कीं, जिस पर अदालत जुर्माना भी लगा चुकी है। अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिलने के महज एक महीने के भीतर ही वह एक अन्य आपराधिक मामले में आरोपी बन गया था, जो उसकी बार-बार अपराध करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

अभिनेता दिलीप का संदर्भ

गौरतलब है कि इस मामले में अभिनेता दिलीप को भी 2017 की घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने उन्हें कुछ अन्य आरोपियों के साथ बरी कर दिया था। अब इस मामले की मुख्य कार्यवाही पल्सर सुनी की अपील पर केंद्रित है, जिसकी सुनवाई हाईकोर्ट में जारी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पल्सर सुनी की सजा निलंबन याचिका क्यों खारिज हुई?
केरल हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे जघन्य मामलों में पीड़िता की गरिमा और सम्मान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अदालत ने माना कि सजा पर रोक लगाना न्याय की भावना के विरुद्ध होगा और समाज में गलत संदेश देगा।
2017 के केरल अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में पल्सर सुनी को क्या सजा मिली है?
ट्रायल कोर्ट ने पल्सर सुनी को 2017 के अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उसने इस सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है और अपील विचाराधीन है।
क्या अभिनेता दिलीप इस मामले में दोषी हैं?
नहीं। अभिनेता दिलीप को 2017 की घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अदालत ने उन्हें कुछ अन्य आरोपियों के साथ बरी कर दिया था। मुख्य मामला अब पल्सर सुनी की अपील पर केंद्रित है।
अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की अपील क्यों दायर की है?
अभियोजन पक्ष का मानना है कि अपराध की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए 20 साल की सजा पर्याप्त नहीं है। सरकार ने भी अदालत को बताया कि पल्सर सुनी एक आदतन अपराधी है, जो सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के एक महीने के भीतर ही एक अन्य मामले में आरोपी बन गया था।
पल्सर सुनी की हाईकोर्ट में अपील का अगला कदम क्या होगा?
सजा निलंबन याचिका खारिज होने के बाद पल्सर सुनी जेल में रहेगा और उसकी मुख्य अपील — जिसमें सजा रद्द करने की मांग है — हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए विचाराधीन है। साथ ही अभियोजन की सजा बढ़ाने की अपील भी अदालत के समक्ष लंबित है।
राष्ट्र प्रेस
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