25 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

2017 अभिनेत्री अपहरण मामला: दिलीप की बरी पर केरल सरकार की अपील हाईकोर्ट ने स्वीकार की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
2017 अभिनेत्री अपहरण मामला: दिलीप की बरी पर केरल सरकार की अपील हाईकोर्ट ने स्वीकार की

सारांश

2017 के मलयालम अभिनेत्री अपहरण मामले में केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की वह अपील स्वीकार कर ली है, जिसमें अभिनेता दिलीप सहित चार आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन और न्यायमूर्ति के.वी. जयकुमार की पीठ अब इस संवेदनशील मामले की सुनवाई करेगी।

मुख्य बातें

केरल उच्च न्यायालय ने 22 जून को राज्य सरकार की अपील स्वीकार की, जो अभिनेता दिलीप सहित चार आरोपियों की बरी को चुनौती देती है।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी.
और न्यायमूर्ति के.वी.
जयकुमार की खंडपीठ मामले की सुनवाई करेगी।
निचली अदालत ने दिसंबर में छह आरोपियों को 20 वर्ष की सजा सुनाई थी, जबकि दिलीप को बरी किया था।
सजा निलंबन याचिकाओं पर, जिनमें मुख्य आरोपी पल्सर सुनी भी शामिल हैं, दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।
अजयकुमार को राज्य सरकार का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है।

केरल उच्च न्यायालय ने 2017 के चर्चित मलयालम अभिनेत्री अपहरण एवं हमला मामले में अभिनेता दिलीप सहित चार आरोपियों को बरी किए जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली केरल सरकार की अपील 22 जून को स्वीकार कर ली। इसके साथ ही राज्य सरकार ने उन आरोपियों की सजा बढ़ाने की भी माँग की है, जिन्हें निचली अदालत ने दोषी ठहराया था।

मुख्य घटनाक्रम

न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के.वी. जयकुमार की खंडपीठ ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए निचली अदालत के रिकॉर्ड तलब किए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी ठहराए गए आरोपियों द्वारा दायर सजा निलंबन याचिकाओं पर दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि वरिष्ठ अधिवक्ता वी. अजयकुमार को केरल सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने निचली अदालत में भी राज्य का पक्ष रखा था।

किन आरोपियों को दी गई है चुनौती

राज्य सरकार की अपील में अभिनेता दिलीप के अतिरिक्त चार्ली थॉमस, सनील कुमार उर्फ मेस्थिरी सनील और सरथ जी. नायर को बरी किए जाने पर आपत्ति जताई गई है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इन सभी ने अभिनेत्री के अपहरण और हमले की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

गौरतलब है कि यह अपील तब दायर की गई थी जब राज्य में पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में थी। सजा निलंबन याचिकाओं में मुख्य आरोपी सुनील एन.एस. उर्फ पल्सर सुनी भी शामिल हैं।

निचली अदालत का फैसला क्या था

पिछले वर्ष दिसंबर में एर्नाकुलम की प्रधान जिला एवं सत्र अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। हालाँकि, उसी फैसले में अभिनेता दिलीप को बरी कर दिया गया था। अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष उनके विरुद्ध साजिश के आरोप साबित करने में सफल नहीं हुआ, जबकि अभियोजन पक्ष उन्हें इस कथित साजिश का मास्टरमाइंड बताता रहा था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला फरवरी 2017 की उस घटना से जुड़ा है, जिसमें एक जानी-मानी मलयालम अभिनेत्री को त्रिशूर से कोच्चि जाते समय कथित तौर पर अपहृत किया गया था और चलती गाड़ी में उनके साथ मारपीट की गई थी। इस घटना ने पूरे केरल और मलयालम फिल्म उद्योग को हिलाकर रख दिया था। यह ऐसे समय में आया था जब फिल्म उद्योग में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की बहस तेज़ हो रही थी।

आगे क्या होगा

केरल उच्च न्यायालय अब एक साथ दो पक्षों की अपीलों पर सुनवाई करेगा — राज्य सरकार की अपील, जो बरी किए गए आरोपियों को फिर से कटघरे में लाना चाहती है, और दोषी ठहराए गए आरोपियों की अपील, जो अपनी सजा को चुनौती दे रहे हैं। सजा निलंबन याचिकाओं पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित है, और इस मामले का अगला अध्याय उच्च न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका प्रतीकात्मक महत्व कहीं अधिक है — यह संकेत देता है कि आठ साल बाद भी यह मामला न्यायिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर अनसुलझा है। निचली अदालत ने दिलीप को साजिश के अभाव में बरी किया, जबकि अभियोजन पक्ष उन्हें मास्टरमाइंड बताता रहा — यह विरोधाभास उच्च न्यायालय के समक्ष केंद्रीय प्रश्न बनेगा। मलयालम फिल्म उद्योग में महिला सुरक्षा की बहस के बीच इस मामले का परिणाम न केवल पीड़िता के लिए, बल्कि उद्योग की जवाबदेही के लिए भी एक मिसाल तय करेगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2017 अभिनेत्री अपहरण मामले में केरल हाईकोर्ट में क्या हुआ?
केरल उच्च न्यायालय ने 22 जून को राज्य सरकार की वह अपील स्वीकार कर ली, जिसमें अभिनेता दिलीप सहित चार आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के.वी. जयकुमार की पीठ अब इस मामले की सुनवाई करेगी।
अभिनेता दिलीप को निचली अदालत ने क्यों बरी किया था?
एर्नाकुलम की प्रधान जिला एवं सत्र अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष दिलीप के विरुद्ध साजिश के आरोप साबित करने में सफल नहीं हुआ। अभियोजन पक्ष उन्हें कथित साजिश का मास्टरमाइंड बताता रहा था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।
2017 अभिनेत्री अपहरण मामला क्या है?
यह मामला फरवरी 2017 की उस घटना से जुड़ा है, जिसमें एक जानी-मानी मलयालम अभिनेत्री को त्रिशूर से कोच्चि जाते समय कथित तौर पर अपहृत किया गया और चलती गाड़ी में उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना ने केरल और मलयालम फिल्म उद्योग को हिलाकर रख दिया था।
निचली अदालत ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया था?
पिछले वर्ष दिसंबर में एर्नाकुलम की प्रधान जिला एवं सत्र अदालत ने छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। उसी फैसले में अभिनेता दिलीप सहित चार अन्य आरोपियों को बरी किया गया था।
अब केरल हाईकोर्ट में आगे क्या होगा?
उच्च न्यायालय राज्य सरकार की अपील और दोषी आरोपियों की सजा को चुनौती देने वाली अपीलों पर एक साथ सुनवाई करेगा। सजा निलंबन याचिकाओं, जिनमें मुख्य आरोपी पल्सर सुनी भी शामिल हैं, पर दो सप्ताह बाद सुनवाई निर्धारित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले