कर्नाटक CM पद पर सोमवार तक फैसला, सतीश जारकीहोली बोले — 'ज़्यादा समय नहीं लगेगा'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद उत्पन्न राजनीतिक अनिश्चितता के बीच, पूर्व मंत्री और सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी सतीश जारकीहोली ने शुक्रवार, 30 मई 2025 को पत्रकारों से कहा कि नए मुख्यमंत्री के नाम पर सोमवार या मंगलवार तक निर्णय हो जाएगा। जारकीहोली के अनुसार, सिद्धारमैया दिल्ली से लौट रहे हैं और उनके आने के बाद कांग्रेस हाई कमान से हुई बैठकों पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली में कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। जारकीहोली ने बताया कि इन मुलाकातों के निष्कर्षों पर बेंगलुरु लौटने के बाद विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक शनिवार शाम बुलाई गई है, जिसमें सदन के नए नेता का चुनाव किया जाएगा।
जारकीहोली ने स्पष्ट किया कि यह कोई बड़ा संकट नहीं है और नेतृत्व को लेकर बनी उलझन मंगलवार तक पूरी तरह सुलझ जाएगी।
जारकीहोली की अपनी दावेदारी पर सफाई
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे स्वयं मुख्यमंत्री पद के इच्छुक हैं, तो जारकीहोली ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मैं इस पद के लिए इच्छुक नहीं हूं। इस मामले पर अभी चर्चा शुरू नहीं हुई है। जब इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा, तो मैं उचित मंच पर अपनी राय व्यक्त करूंगा।'
उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति की संभावना के बारे में भी उन्होंने कहा कि इस पर अभी कोई ठोस चर्चा नहीं हुई है।
सिद्धारमैया का राजनीतिक भविष्य
जारकीहोली ने सिद्धारमैया के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें छह वर्षों तक कर्नाटक की सरकार चलाने का अवसर दिया, जो उनके राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा, 'वे राजनीति में सक्रिय रहेंगे और हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। हम 2028 के विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ेंगे।'
सिद्धारमैया के राष्ट्रीय राजनीति में जाने की अटकलों पर जारकीहोली ने कहा कि यह पूरी तरह उन पर निर्भर करता है, लेकिन 'सिद्धारमैया जहां भी रहेंगे, हमारे नेता बने रहेंगे।'
पीढ़ीगत बदलाव पर ज़ोर
जारकीहोली ने पार्टी में नए नेतृत्व की ज़रूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, 'हमें नया नेतृत्व चाहिए। नए चेहरे उभरने चाहिए। अगर सक्षम और जानकार लोग आगे आएं तो पार्टी के लिए अच्छा होगा।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक कांग्रेस में वोक्कलिगा और लिंगायत समुदायों के नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर अनौपचारिक खींचतान की खबरें आ रही हैं।
आगे क्या होगा
CLP की शनिवार की बैठक के नतीजे और दिल्ली में हाई कमान से हुई चर्चाओं का सार सामने आने के बाद कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री का नाम स्पष्ट होने की उम्मीद है। नए नेतृत्व के तय होते ही राज्य सरकार की नीतिगत दिशा और मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी स्थिति साफ होगी।