कर्नाटक CLP बैठक 30 मई: सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद नए CM चेहरे का फैसला आज
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के कार्यवाहक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उपजे राजनीतिक संकट के बीच 30 मई को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई है। शाम 4 बजे विधान सौधा के सम्मेलन कक्ष में होने वाली इस बैठक में CLP का नया नेता चुना जाएगा, जो कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनेगा।
बैठक का उद्देश्य और व्यवस्था
CLP सचिव अल्लामा प्रभु पाटिल ने घोषणा की कि बैठक में सभी विधानसभा सदस्य (विधायक), विधान परिषद सदस्य (MLC), लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सदस्यों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान CLP नेता के रूप में सिद्धारमैया स्वयं बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
बैठक में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष डीके शिवकुमार, AICC महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, विधान परिषद के फ्लोर लीडर एनएस बोस राजू तथा पार्टी के सभी कार्यकारी अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे।
दिल्ली में हुई अहम मुलाकातें
सिद्धारमैया कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के बाद दिल्ली से रवाना हो गए हैं। उनके 29 मई को शाम 5:30 बजे बेंगलुरु के HAL हवाई अड्डे पर पहुँचने की उम्मीद है।
दिल्ली से रवाना होने से पहले सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, कांग्रेस MLC यतींद्र सिद्धारमैया और पूर्व मंत्री केएच मुनियप्पा ने एक साथ दोपहर का भोजन किया। इससे पहले सिद्धारमैया ने AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की और बाद में डीके शिवकुमार व पूर्व मंत्री केजे जॉर्ज के साथ अलग से चर्चा की।
शिवकुमार के CM बनने के संकेत
कर्नाटक के मंत्री एचके पाटिल ने शुक्रवार को स्पष्ट रूप से कहा कि डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बनेंगे और संभवतः अगले दो दिनों के भीतर शपथ ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा, "शिवकुमार पहले से ही मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हैं।"
पाटिल के अनुसार, जब सिद्धारमैया ने दिल्ली में हुई चर्चाओं का ब्यौरा साझा किया, तो उन्होंने खुद स्वीकार किया कि उन्हें इस्तीफे की सलाह दी गई थी और शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि यह वही सत्ता-साझेदारी का मुद्दा है जो कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही चर्चा में रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को सत्ता के दूसरे पड़ाव में प्रवेश करना है। सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान पार्टी के भीतर लंबे समय से जारी थी। CLP बैठक का परिणाम न केवल कर्नाटक की राजनीति, बल्कि दक्षिण भारत में कांग्रेस की रणनीति के लिए भी निर्णायक माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
30 मई की शाम होने वाली CLP बैठक में नए नेता की घोषणा के बाद राज्यपाल से मुलाकात और शपथ ग्रहण की तारीख तय होने की संभावना है। कांग्रेस आलाकमान के संकेतों के अनुसार नई सरकार का गठन अगले कुछ दिनों में हो सकता है।