कर्नाटक CM रेस: डीके शिवकुमार राज्यपाल गहलोत से मिलेंगे, शाम 4 बजे CLP बैठक में नए नेता का चुनाव
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया 30 मई को निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई। उपमुख्यमंत्री एवं कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष डीके शिवकुमार सुबह 10:30 बजे राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात करेंगे, जबकि शाम 4 बजे विधानसभा के सम्मेलन कक्ष में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए CLP नेता — और संभावित मुख्यमंत्री — का चुनाव होना है।
पृष्ठभूमि: सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद का घटनाक्रम
कार्यवाहक मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पद से इस्तीफे के बाद कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। 29 मई को शिवकुमार ने नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। उसी दिन शिवकुमार ने स्पष्ट किया था कि CLP नेता के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करना तत्काल प्राथमिकता है और अन्य सभी मसलों पर इसके बाद ही विचार होगा।
गौरतलब है कि सिद्दारमैया ने खुद दिल्ली में हुई चर्चाओं का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें इस्तीफे की सलाह दी गई और शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।
CLP बैठक: कौन-कौन होगा शामिल
शाम 4 बजे होने वाली CLP बैठक की अध्यक्षता वर्तमान विधायक दल के नेता के रूप में सिद्दारमैया स्वयं करेंगे। बैठक में केपीसीसी अध्यक्ष डीके शिवकुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, विधान परिषद के फ्लोर लीडर एनएस बोस राजू और पार्टी के सभी कार्यकारी अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।
सभी विधानसभा सदस्यों (विधायकों), विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी), लोकसभा सांसदों और राज्यसभा सांसदों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह जानकारी कांग्रेस विधायक एवं CLP सचिव अल्लामा प्रभु पाटिल ने दी।
शिवकुमार की दावेदारी कितनी मज़बूत
पाटिल के अनुसार, शिवकुमार पहले से ही मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षण सिद्दारमैया ने दिल्ली चर्चाओं का ब्यौरा सार्वजनिक किया, उसी क्षण से यह स्पष्ट हो गया कि शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे। हालाँकि, औपचारिक घोषणा CLP बैठक के बाद ही होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को आंतरिक गुटबाज़ी की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शिवकुमार और सिद्दारमैया के समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से खींचतान चली आ रही थी।
आगे क्या होगा
CLP बैठक में नए नेता के चुनाव के बाद नव निर्वाचित नेता राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तारीख की घोषणा इसके बाद अपेक्षित है। नए मुख्यमंत्री के सामने राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को नई गति देने की चुनौती होगी।