सीएम सिद्धारमैया का बयान: कल्याणकारी योजनाएं हैं विकास का आधार

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सीएम सिद्धारमैया का बयान: कल्याणकारी योजनाएं हैं विकास का आधार

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति को केंद्र सरकार से बेहतर बताया और विपक्ष की आलोचना की।

Key Takeaways

  • सरकार की कल्याणकारी योजनाएं विकास का अहम हिस्सा हैं।
  • कर्नाटक की वित्तीय स्थिति केंद्र से बेहतर है।
  • उद्घाटन किए गए पुल का महत्व क्षेत्रीय विकास में है।

चिकमगलूर, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं स्वयं में विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन योजनाओं पर खर्च करने के बावजूद राज्य की वित्तीय स्थिति केंद्र सरकार की तुलना में बेहतर है।

मुख्यमंत्री ने भद्रा जलाशय के बैकवाटर पर बने पुल का उद्घाटन करते हुए ये बातें की। यह पुल चिक्कमगलुरु जिले में हंडुरु गांव को नरसिम्हाराजपुरा से जोड़ता है। इसके साथ ही, उन्होंने कई विकास कार्यों का शुभारंभ किया और लाभार्थियों को सहायता प्रदान की।

सिद्धारमैया ने बताया कि इस दिन 36 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, जिसमें यह नया पुल भी शामिल है। विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वे यह आरोप लगा रहे हैं कि विकास कार्यों के लिए कोई फंड उपलब्ध नहीं है और गारंटी योजनाओं के चलते राज्य का खजाना खाली हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "गारंटी योजनाओं को लागू करने के बाद भी, हमारी सरकार ने सफलतापूर्वक विकास को सुनिश्चित किया है।"

संविधान की आदर्शों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक समतामूलक समाज का निर्माण संविधान का विजन है। बीआर अंबेडकर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने यह स्पष्ट किया था कि राजनीतिक आजादी तभी सफल हो सकती है जब इसके साथ-साथ आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक आजादी भी हो। उन्होंने विपक्षी दलों से इस सिद्धांत को समझने की अपील की।

क्षेत्रीय विकास की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि नरसिम्हाराजपुरा का नाम मैसूर के पूर्व शासक, नरसिम्हाराजा वाडियार के नाम पर रखा गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सड़क चौड़ीकरण, बैराज-सह-पुल के निर्माण और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसी अन्य मांगों को भी पूरा करेगी।

केंद्र सरकार पर राज्य की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि भले ही 2023-24 के केंद्रीय बजट में भद्रा ऊपरी नहर परियोजना के लिए 5,300 करोड़ रुपए की घोषणा की गई, लेकिन अभी तक ये फंड जारी नहीं किए गए हैं, जो राज्य के लोगों के साथ अन्याय है।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कर्नाटक में कांग्रेस की गारंटी योजनाओं की आलोचना कर रही है जबकि वह अन्य राज्यों में भी ऐसी ही पहलें कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक गारंटी योजनाओं पर 1.30 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक की वित्तीय स्थिति केंद्र के मुकाबले अधिक मजबूत है।

उन्होंने कहा कि जहां राष्ट्रीय डीजीपी विकास दर 7.14 प्रतिशत है, वहीं कर्नाटक की विकास दर 8.1 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान देश का कुल कर्ज 53.11 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 218 लाख करोड़ रुपए हो गया है। सीएम ने जोर देकर कहा कि कर्नाटक की आर्थिक वृद्धि केंद्र की तुलना में कहीं अधिक है और राज्य अभी भी राजकोषीय उत्तरदायित्व के मानदंडों का पालन कर रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र की आलोचना का जवाब देते हुए, जिन्होंने राज्य के वित्त पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी, सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसे बयान बजट को बिना समझे दिए गए थे और उनका उद्देश्य केवल प्रचार पाना था। उन्होंने केंद्र सरकार पर 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित धनराशि जारी न करने का आरोप लगाया, जिससे राज्य को नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री अपने वादे पूरे करने में विफल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भाजपा के प्रचार से गुमराह न हों, जिसे उन्होंने 'भाजपा का दुष्प्रचार' कहा।

Point of View

जो राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

सीएम सिद्धारमैया ने किस योजना के बारे में बात की?
उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को विकास का एक रूप बताया।
कर्नाटक की वित्तीय स्थिति कैसी है?
सिद्धारमैया के अनुसार, कर्नाटक की वित्तीय स्थिति केंद्र की तुलना में बेहतर है।
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