क्या एसआईटी ने केटीआर को फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा?

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क्या एसआईटी ने केटीआर को फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा?

सारांश

विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने के. टी. रामाराव को फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। जानें इस मामले की गहराई और क्या है इसके पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • एसआईटी ने केटीआर को पूछताछ के लिए तलब किया है।
  • यह मामला राजनीतिक विरोधियों के फोन टैप करने से संबंधित है।
  • टी. हरीश राव से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।

हैदराबाद, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) को पूछताछ के लिए तलब किया है। एसआईटी ने गुरुवार को उन्हें नोटिस जारी कर शुक्रवार को सुबह 11 बजे सहायक पुलिस आयुक्त पी. वेंकटगिरी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि केटीआर इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हैं, इसलिए जांच के उद्देश्य से उनका व्यक्तिगत बयान आवश्यक है। एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध कारण नोटिस का पालन नहीं करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

केटीआर को नोटिस ऐसे समय जारी किया गया है, जब दो दिन पहले ही बीआरएस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव से एसआईटी ने करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। यह पहली बार था जब फोन टैपिंग मामले में बीआरएस के किसी शीर्ष नेता से एसआईटी ने पूछताछ की।

यह मामला बीआरएस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों, व्यापारियों, पत्रकारों और यहां तक कि न्यायाधीशों के फोन टैप किए जाने से जुड़ा है।

पूछताछ के बाद टी. हरीश राव ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि उन्हें मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के साले एस. सृजन रेड्डी के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के बदले प्रतिशोध की भावना से तलब किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने एसआईटी अधिकारियों से ज्यादा सवाल पूछे, जितने सवाल उनसे किए गए।

फोन टैपिंग मामला मार्च 2024 में सामने आया था। इस संबंध में हैदराबाद के पंजागुट्टा पुलिस थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

आरोप है कि बीआरएस शासन के दौरान विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जो कई लोगों के फोन टैप करने में शामिल थी।

इस मामले में विशेष खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख टी. प्रभाकर राव मुख्य आरोपी हैं। अन्य आरोपियों में पुलिस उपाधीक्षक डी. प्रणीथ राव, अतिरिक्त एसपी तिरुपथन्ना और एन. भुजंग राव, पूर्व डीसीपी राधा किशन राव और एक टेलीविजन चैनल के मालिक श्रवण कुमार शामिल हैं।

Point of View

लेकिन कानून का पालन होना चाहिए। हमें यह भी समझना होगा कि ऐसे मामलों का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

एसआईटी ने केटीआर को क्यों तलब किया?
केटीआर को तलब किया गया क्योंकि उन्हें मामले के तथ्यों से संबंधित जानकारी हो सकती है।
फोन टैपिंग मामला कब सामने आया?
फोन टैपिंग मामला मार्च 2024 में सामने आया था।
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