क्या बजट में होम लोन के ब्याज छूट को पांच लाख करने की आवश्यकता है?

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क्या बजट में होम लोन के ब्याज छूट को पांच लाख करने की आवश्यकता है?

सारांश

नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल ने आगामी बजट में आवास क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। क्या ये सुझाव भारतीय नागरिकों के लिए फायदेमंद साबित होंगे? जानें इस रिपोर्ट में।

Key Takeaways

  • आवास क्षेत्र में नीतिगत बदलाव
  • ब्याज छूट को 5 लाख करने की जरूरत
  • किफायती आवास की आवश्यकता
  • भूमि खरीद के लिए लोन की सिफारिश
  • रियल एस्टेट से जुड़े उद्योगों का विकास

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) ने दिल्ली में आगामी भारतीय सरकारी बजट, रियल एस्टेट क्षेत्र, आवास ऋण और किफायती आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।

नारेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने आवास क्षेत्र में मौलिक नीति परिवर्तन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम आवास क्रांति की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। प्रवीण जैन ने किफायती घरों, किराए के आवास और दीर्घकालिक मांग सृजन पर जोर देते हुए आवास नीति को नए सिरे से तैयार करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि भारत ने भले ही सभी क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधार लागू किए हैं, लेकिन आवास क्षेत्र अभी भी कई स्तरों की कराधान प्रणाली और नियामक बाधाओं का सामना कर रहा है। हीरानंदानी ने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित बाजारों में, लगभग 50 प्रतिशत आबादी किराए के आवास में रहती है, जिसे संस्थागत पूंजी और पूर्वानुमानित नीतियों का समर्थन प्राप्त है। ये स्थितियां भारत में अभी भी विकसित हो रही हैं।

राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि नारेडको ने एटीआईबी ढांचे के अंतर्गत कई सुझाव दिए हैं, जिनमें अंतिम उपयोगकर्ताओं को मिलने वाले ब्याज लाभ की सीमा को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की सिफारिश शामिल है। इसके अलावा, आवास क्षेत्र में अतिरिक्त प्रोत्साहन देने और जीएसटी को कम करने का भी सुझाव दिया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल घर बनाने और खरीदने के लिए सरकार लोन प्रदान करती है, लेकिन हमने सुझाव दिया है कि भूमि खरीदने के लिए भी लोन दिया जाए। यदि इसे लागू किया जाता है, तो घर बनाने की प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि 250 से अधिक उद्योग हैं जो रियल एस्टेट से जुड़े हुए हैं। यदि अधिक घर बनाए जाएंगे, तो इसका असर पूरे इकोसिस्टम पर पड़ेगा।

वहीं, नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि हम पूरे देश में हर क्षेत्र में प्रगति देख रहे हैं। हमारा मुख्य ध्यान आवास पर है और हमारा मानना है कि अब समय आ गया है कि हर नागरिक के पास अपना घर हो। मुंबई जैसे समृद्ध शहरों में भी 50 प्रतिशत लोग झुग्गियों में निवास करते हैं। हमारे मुख्यमंत्री ने कहा है कि 5-7 वर्षों में इन झुग्गियों का पुनर्विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, हम ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ और शहरी क्षेत्रों में 1 करोड़ घर उपलब्ध करा चुके हैं। अगले वर्ष, हम किफायती आवास परियोजना को जारी रखने के लिए दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे।

Point of View

बल्कि इससे आम नागरिकों को भी अपने घर का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

नारेडको ने किस विषय पर सुझाव दिए हैं?
नारेडको ने आवास क्षेत्र में नीति सुधार और ब्याज छूट को 5 लाख रुपए करने के सुझाव दिए हैं।
किफायती आवास का क्या महत्व है?
किफायती आवास से आम जनता को अपने घर का सपना पूरा करने में मदद मिलती है, जिससे जीवन स्तर में सुधार होता है।
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