सोमी अली ने 90 के दशक की मीडिया में जेबा बख्तियार के खिलाफ बनाई गई गलत छवि को उजागर किया

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सोमी अली ने 90 के दशक की मीडिया में जेबा बख्तियार के खिलाफ बनाई गई गलत छवि को उजागर किया

सारांश

सोमी अली ने 90 के दशक के बॉलीवुड में जेबा बख्तियार के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे मैगजीन ने उनकी और जेबा की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया। जानिए इस दिलचस्प किस्से के बारे में।

Key Takeaways

  • सोमी अली और जेबा बख्तियार के बीच का रिश्ता सम्मान का था।
  • 90 के दशक की मीडिया ने कई बार सच को तोड़ा-मरोड़ा।
  • सोशल मीडिया के अभाव में, मैगजीन के पास खुली छूट थी।
  • जेबा बख्तियार ने भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • सोमी अली ने अपने अनुभवों को सकारात्मक रूप से साझा किया।

मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आज के समय में जहां सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसक सीधे अपने प्रिय सितारों से जुड़ जाते हैं, वहीं एक समय ऐसा भी था जब फिल्मी जगत की खबरें केवल मैगजीन और समाचार पत्रों के माध्यम से ही लोगों तक पहुँचती थीं। उस समय जो भी लिखा जाता था, उसे सत्य माना जाता था। 90 के दशक का बॉलीवुड इसी प्रकार के किस्सों से भरा हुआ था, जब सितारों के बीच की दोस्ती और रिश्तों को अक्सर भिन्न तरीके से प्रस्तुत किया जाता था। अब उसी समय को याद करते हुए अभिनेत्री सोमी अली ने एक पुरानी घटना साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें और जेबा बख्तियार को लेकर मैगजीन ने गलत छवि प्रस्तुत की थी।

सोमी अली ने अपने सोशल मीडिया पर एक थ्रोबैक पोस्ट साझा करते हुए 90 के दशक की मीडिया संस्कृति पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा, "उस समय सोशल मीडिया जैसा कोई प्लेटफॉर्म नहीं था, जिससे लोग सेलिब्रिटीज की असली जिंदगी को समझ सकें। इस वजह से मैगजीन और टैब्लॉइड्स को खुली छूट मिल जाती थी और वे अपनी मर्जी से कहानियां बनाकर छापते थे। उस समय दर्शकों के पास कोई और विकल्प नहीं था, जिससे वे सच जान सकें।"

अपनी पोस्ट में सोमी ने साल 1993 की एक महत्वपूर्ण मुलाकात का उल्लेख किया, जब उनकी पहली बार जेबा बख्तियार से मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया, "हम दोनों का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन मेरा पालन-पोषण अमेरिका में हुआ था। इस समानता का उपयोग करते हुए उस समय की मैगजीन ने हमारे बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव की कहानी गढ़ने की कोशिश की, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल भिन्न थी।"

उन्होंने कहा, "मैगजीन की यह कोशिश कभी सफल नहीं हो पाई। असल जिंदगी में मेरे और जेबा बख्तियार के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं थी, बल्कि हमारे बीच सम्मान और समझ का रिश्ता था। मैं आज भी उस पहली मुलाकात को एक सकारात्मक अनुभव के रूप में याद करती हूँ और मेरे मन में जेबा के लिए बहुत सम्मान है।"

सोमी अली ने जेबा बख्तियार की प्रशंसा करते हुए कहा, "वह बेहद सुंदर और अच्छी इंसान हैं। वह हमेशा खुश रहें और उन्हें जीवन में हर खुशी मिले।"

अगर हम जेबा बख्तियार की बात करें, तो उन्होंने साल 1991 में रिलीज हुई फिल्म 'हिना' से पहचान बनाई थी। इस फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर और अश्विनी भावे नजर आए थे। फिल्म का निर्देशन रणदीर कपूर ने किया था। भारत-पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर बनी इस प्रेम कहानी को दर्शकों ने खूब सराहा।

Point of View

और यह दर्शाता है कि अक्सर सच्चाई अलग होती है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

सोमी अली और जेबा बख्तियार के बीच क्या संबंध थे?
सोमी अली और जेबा बख्तियार के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं थी, बल्कि उनके बीच सम्मान और समझ का रिश्ता था।
कब सोमी अली और जेबा बख्तियार की पहली मुलाकात हुई?
सोमी अली और जेबा बख्तियार की पहली मुलाकात 1993 में हुई थी।
सोमी अली ने किस फिल्म में काम किया?
सोमी अली ने कई फिल्मों में काम किया है, लेकिन उन्होंने 90 के दशक में बहुत ज्यादा पहचान बनाई।
जेबा बख्तियार ने किन फिल्मों में काम किया?
जेबा बख्तियार ने फिल्म 'हिना' में ऋषि कपूर के साथ काम किया था।
90 के दशक की मीडिया संस्कृति कैसी थी?
90 के दशक में मीडिया की संस्कृति ऐसी थी कि लोग केवल मैगजीन और समाचार पत्रों द्वारा सितारों की खबरें जान पाते थे।
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