क्या सोनभद्र पुलिस ने कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- सोनभद्र पुलिस ने कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी विशेष अभियान का हिस्सा है।
- भोला प्रसाद को कोलकाता से पकड़ा गया।
- पुलिस ने फर्जी लेन-देन का खुलासा किया।
- यह कार्रवाई ड्रग माफिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।
सोनभद्र, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की पुलिस ने कफ सिरप तस्करी के प्रमुख मास्टरमाइंड भोला प्रसाद को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक द्वारा ड्रग माफिया और कफ सिरप तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत यह महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की गई है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में गठित सोनभद्र पुलिस, एसआईटी और एसओजी टीमों ने यह बड़ी सफलता हासिल की है।
टीम ने कोलकाता से कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को उस समय पकड़ा जब वह विदेश भागने की योजना बना रहा था। भोला वाराणसी के आदमपुर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कोलकाता में ट्रांजिट रिमांड के लिए न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की है, जिसके तहत अभियुक्त को सोनभद्र लाया जाएगा।
याद रहे कि इस वर्ष 18 अक्टूबर को सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से 1,19,675 कफ सिरप की शीशियां बरामद की गई थीं। इसके अतिरिक्त, आरोपी बृज मोहन और शिवहरि की सूचना पर सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद में संयुक्त कार्रवाई करके चार ट्रकों से भारी मात्रा में कफ सिरप और 20 लाख रुपए की नकदी भी बरामद की थी।
जांच में यह सामने आया कि भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) के माध्यम से बड़े पैमाने पर कफ सिरप की नकली बिलिंग कर विभिन्न जनपदों में अवैध तरीके से वितरण किया जा रहा था। एसआईटी की जांच में भदोही, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र में लगभग 25 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ है, जिनमें से अधिकांश फर्में अस्तित्वहीन पाई गईं।
29 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य द्वारा थाना रॉबर्ट्सगंज पर भारतीय न्याय संहिता और कई धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर जिले में वांछित था।