सर्बानंद सोनोवाल ने कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति पर किया जोरदार हमला
सारांश
Key Takeaways
- सर्बानंद सोनोवाल का कांग्रेस पर हमला
- जनता ने विभाजनकारी राजनीति को नकारा
- भाजपा-नीत एनडीए सरकार का विकास मॉडल
- दूरदराज के क्षेत्रों की उपेक्षा
- मतदाताओं का समर्थन विकास की ओर
गुवाहाटी, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अपर असम में चुनावी रैलियों में उमड़ रही भीड़ इस बात का संकेत है कि जनता ने उसकी “विफल और विभाजनकारी राजनीति” को नकार दिया है।
सादिया में बोलिन चेतिया और नाहरकटिया में तरंगा गोगोई के समर्थन में चुनाव प्रचार करते हुए सोनोवाल ने कहा कि मतदाताओं का उत्साह भाजपा-नीत एनडीए सरकार के शांति, स्थिरता और विकास आधारित मॉडल पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
सादिया के डांगरी में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से दूरदराज के क्षेत्रों की अनदेखी की, जिससे वहां बुनियादी ढांचे और अवसरों का अभाव रहा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियों ने स्वदेशी समुदायों के अधिकारों को कमजोर किया, और इसके उदाहरण के तौर पर विवादित आईएमडीटी एक्ट का उल्लेख किया।
सोनोवाल ने कहा, “लोग दशकों की उपेक्षा और अन्याय को भूले नहीं हैं। आज वे बड़ी संख्या में बाहर आकर ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं, जो विकास, स्थिरता और जवाबदेही सुनिश्चित करती है।”
उन्होंने आगे दावा किया कि मतदाताओं की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि लोग अब “पुरानी राजनीति” से दूर होकर विकास, कनेक्टिविटी और रोजगार को प्राथमिकता दे रहे हैं।
नाहरकटिया में प्रचार जारी रखते हुए सोनोवाल ने महमोरा और कमरगांव में जनसभाओं को संबोधित किया और कहा कि एनडीए का विकास एजेंडा समाज के सभी वर्गों में व्यापक स्वीकृति पा चुका है।
उन्होंने कहा, “हमें जो जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है, वह साफ दिखाता है कि इस क्षेत्र में भाजपा-नीत गठबंधन मजबूत और चुनौतीहीन है। लोगों ने भ्रष्टाचार, उपेक्षा और विभाजन पर आधारित कांग्रेस की राजनीति को नकार दिया है।”
सोनोवाल ने कहा कि एनडीए सरकार ने असम में स्थायी शांति और तेज विकास सुनिश्चित किया है, जबकि कांग्रेस के शासन को उन्होंने अस्थिरता और अनिश्चितता से भरा बताया।
उन्होंने मतदाताओं से निर्णायक जनादेश देने की अपील करते हुए कहा कि असम के भविष्य को सुरक्षित रखने और “कुशासन व उपेक्षा” की वापसी रोकने के लिए एनडीए को समर्थन जारी रखें।