दक्षिण बंगाल में 3-4 दिन येलो अलर्ट: कोलकाता में आंधी-तूफान, 40 किमी/घंटा हवाएं; बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की निगाहें
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 19 सितंबर 2026 को कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के समस्त जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज़ आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने का भी ख़तरा बना रहेगा।
किन जिलों पर येलो अलर्ट
मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार शनिवार, 20 सितंबर को दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। विशेष रूप से उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर, झारग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ़्तार वाली तेज़ हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। राज्य के पश्चिमी जिलों सहित छह जिलों में अगले दो दिनों के लिए अलग से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
कोलकाता का मौसम पूर्वानुमान
कोलकाता में शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने और शाम को आंधी-तूफान आने की संभावना है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश नहीं हुई तो अधिक नमी के कारण उमस से परेशानी और बढ़ सकती है। शहर में सोमवार, 22 सितंबर से बारिश की तीव्रता बढ़ने और यह सिलसिला 24 सितंबर तक जारी रहने का अनुमान है। इस पूरे दौर में 30 से 40 किमी/घंटा की हवाएं और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।
तापमान और आर्द्रता के आंकड़े
शुक्रवार, 18 सितंबर को कोलकाता में अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम था। सापेक्ष आर्द्रता 77 से 96 प्रतिशत के बीच रही और शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में शहर में 32.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
उत्तर बंगाल में राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से उत्तर बंगाल के जिलों में बारिश की गतिविधि में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। उत्तरी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है, लेकिन तीव्रता दक्षिण के मुकाबले कम रहेगी।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की निगरानी
यह मौसमी उथल-पुथल ऐसे समय में आई है जब मौसम विभाग बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी हालात पर कड़ी नज़र रखे हुए है। विभाग के अनुसार सितंबर के आखिर में खाड़ी में चक्रवात बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और विशेषज्ञ बदलती मौसमी परिस्थितियों पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में सितंबर-अक्टूबर का काल मानसून के बाद चक्रवाती गतिविधियों के लिए ऐतिहासिक रूप से सक्रिय रहा है।
फ़िलहाल नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, खासकर शाम के समय, और मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखें।