एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप: सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह बोले — आजम खान को 10-12 साल से निशाना बनाया जा रहा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने 14 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार केंद्रीय जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को कमज़ोर करने के लिए कर रही है। उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान पर दर्ज नए मुकदमे, पार्टी विधायकों के BJP में जाने, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली में दिए बयान और इंडिया गठबंधन के आंदोलन सहित कई मुद्दों पर एक के बाद एक प्रतिक्रिया दी।
आजम खान पर नया मुकदमा: सपा का पलटवार
उदयवीर सिंह ने कहा कि आजम खान को पिछले दस से बारह वर्षों से लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान की राजनीतिक भूमिका को कमज़ोर करने और उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। सपा प्रवक्ता के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियाँ विपक्ष के मज़बूत नेताओं को लक्षित करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं — एक गंभीर आरोप जिसे BJP ने अभी तक सार्वजनिक रूप से खंडित नहीं किया है।
विधायकों का BJP में जाना: सपा की सफाई
सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और एक अन्य विधायक के BJP में शामिल होने पर उदयवीर सिंह ने कहा कि पार्टी इन नेताओं को उनके राजनीतिक आचरण के कारण पहले ही निष्कासित कर चुकी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सपा के कार्यकर्ताओं ने इन नेताओं को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए उनका इस तरह जाना कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात है।
योगी के बरेली बयान पर तीखा जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में कहा था कि 2017 से पहले त्योहारों के दौरान दंगे होते थे, जबकि अब दंगाई जेल में हैं। इस पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि सीएम को विकास, बेरोज़गारी, किसानों, युवाओं, मज़दूरों की समस्याओं, महँगाई और भ्रष्टाचार जैसे असली मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उनका आरोप था कि इन सवालों से ध्यान भटकाने के लिए समाज को बाँटने वाले बयान दिए जाते हैं।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर सपा की राय
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के 'दुर्गा और काली बनो, लेकिन बुर्के वाली नहीं' संबंधी बयान पर उदयवीर सिंह ने कहा कि देश लोकतंत्र और संविधान के आधार पर चलता है तथा प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
इंडिया गठबंधन और चुनाव आयोग पर बड़े सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस आरोप पर कि इंडिया गठबंधन SIR (Special Identification Register) के बहाने घुसपैठियों को बचाना चाहता है, उदयवीर सिंह ने कहा कि किसान और छात्र आंदोलनों के दौरान भी प्रदर्शनकारियों पर इसी तरह के लेबल लगाए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब गृह मंत्री को क्यों देना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि BJP सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर किया है। राहुल गांधी के इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन नहीं रुकने संबंधी बयान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भी आंदोलन जारी रखने की बात कह चुके हैं और संघर्ष की आगे की दिशा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार तय होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के काफ़ी पहले ही सियासी तापमान बढ़ने लगा है और विपक्षी दल एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं।