आजम खान की ईडी गिरफ्तारी पर भड़के अबू आसिम आजमी, बोले — 'जमानत के बाद दोबारा पकड़ना तानाशाही'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को जमानत मिलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एक अन्य मामले में फिर से गिरफ्तार किए जाने पर सपा विधायक अबू आसिम आजमी ने 1 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। आजमी ने इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र का मजाक' और 'तानाशाही' करार दिया, और कहा कि एक के बाद एक मामले में गिरफ्तारी की यह रणनीति किसी भी लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है।
आजमी का केंद्रीय आरोप
अबू आसिम आजमी ने कहा, आजम खान एक दशक से अधिक समय तक विधायक, मंत्री और सांसद रह चुके हैं — आज़ाद भारत में उनके साथ जैसा व्यवहार हो रहा है, वैसा शायद ही किसी के साथ हुआ हो। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि उनके विरुद्ध वास्तव में कोई ठोस आधार है, तो सभी मामले एक साथ दर्ज किए जाने चाहिए — न कि एक-एक करके जमानत मिलने का इंतज़ार कर गिरफ्तारी दोहराई जाए।
आजमी ने कहा, 'ईडी को अगर कुछ करना था, तो पहले नोटिस देती, सवाल-जवाब करती। जैसे ही वे बाहर निकले, वहीं बात करके उठाकर ले जाना — यह बिल्कुल लोकतंत्र का मजाक है, तानाशाही हो चुकी है।'
संवैधानिक अधिकारों का सवाल
सपा विधायक ने व्यापक राजनीतिक संदर्भ में कहा कि भारत के संविधान में मुसलमानों को बराबर का अधिकार है। उन्होंने फखरुद्दीन अली अहमद, डॉ. जाकिर हुसैन और एपीजे अब्दुल कलाम जैसे पूर्व राष्ट्रपतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में मुसलमानों का योगदान ऐतिहासिक रहा है।
आजमी का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासन में विशेष रूप से पीडीए परिवार — पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — को निशाना बनाया जा रहा है और झूठे ऐतिहासिक आख्यान गढ़कर सामाजिक ध्रुवीकरण किया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी और 2027 का चुनावी संदर्भ
आजमी ने 2027 और 2032 के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार को बदलना ज़रूरी है। उन्होंने दावा किया कि यदि अखिलेश यादव की सरकार आती है, तो समाज के हर वर्ग के साथ बराबरी का व्यवहार होगा — और इसका प्रमाण 2012 से 2017 के कार्यकाल में मिल चुका है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों की 'इंडिया ब्लॉक' रैलियाँ तेज़ हो रही हैं। आजमी ने गठबंधन के नेताओं को बधाई देते हुए कहा, 'सड़क सुनसान होती है तो सांसें थम जाती हैं और जिंदा कौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं करतीं।'
इंडिया ब्लॉक पर रुख
सपा नेता ने कहा कि जब दिल्ली और उत्तर प्रदेश में इंडिया ब्लॉक की सरकार बनेगी, तभी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा। गौरतलब है कि आजम खान पिछले कई वर्षों से विभिन्न कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं, और उनकी गिरफ्तारी का यह क्रम सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
आने वाले दिनों में ईडी की यह कार्रवाई न्यायालय में चुनौती का सामना कर सकती है, और इसका असर उत्तर प्रदेश के सियासी माहौल पर पड़ना तय माना जा रहा है।