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आजम खान की ईडी गिरफ्तारी पर एनडीए नेता सख्त, बोले — 'भ्रष्टाचारियों को नहीं बख्शेंगे'

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आजम खान की ईडी गिरफ्तारी पर एनडीए नेता सख्त, बोले — 'भ्रष्टाचारियों को नहीं बख्शेंगे'

सारांश

रामपुर जेल से जमानत पर बाहर आए आजम खान को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फिर हिरासत में लिया। 'मुस्लिम होने की सजा' वाले बयान पर एनडीए नेताओं ने पलटवार किया — 'भ्रष्टाचारियों को नहीं बख्शा जाएगा।' सपा ने इसे साजिश बताया।

मुख्य बातें

आजम खान शनिवार को रामपुर जेल से जमानत पर रिहा हुए, लेकिन कुछ मिनटों बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें फिर हिरासत में लिया।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2019 के फर्जी पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा पर रोक लगाई थी।
आजम खान ने कहा कि वह 'मुस्लिम होने का खामियाजा' भुगत रहे हैं; सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे 'साजिश' बताया।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आजम खान ने कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा किया — 'किसी को नहीं बख्शा जाएगा।' शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा — 'कोर्ट में जाकर खुद को बेगुनाह साबित करें, रोने से काम नहीं चलेगा।'

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान शनिवार को रामपुर जेल से बाहर आए ही थे कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में तत्काल हिरासत में ले लिया। इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2019 के फर्जी पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत मंजूर की थी। जेल से निकलने के कुछ ही मिनटों बाद ईडी की कार्रवाई पर रविवार, 2 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

आजम खान का बयान और सपा का रुख

ईडी द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आजम खान ने कहा कि वह 'मुस्लिम होने का खामियाजा' भुगत रहे हैं और 'यूनिवर्सिटी बनाने की सजा' पा रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को 'साजिश' करार दिया। गौरतलब है कि आजम खान के खिलाफ विभिन्न अदालतों में दर्जनों मुकदमे विचाराधीन हैं और यह उनकी कानूनी लड़ाई का एक लंबा सिलसिला है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों की प्रतिक्रिया

लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि देश में संवैधानिक व्यवस्था है और न्यायपालिका के आदेश के आधार पर ही सरकार काम करती है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हमारी सभी जाँच एजेंसियाँ निष्पक्ष तरीके से काम कर रही हैं। जिसने कुछ गलत नहीं किया, उसके साथ कुछ गलत नहीं होगा — लेकिन जिन्होंने अनैतिक और अवैध काम किए हैं, उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई जरूर होगी।'

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आजम खान ने कथित तौर पर अपने भ्रष्टाचार से रामपुर और अन्य जगहों पर हजारों करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा किया है। उन्होंने कहा, 'सब कुछ रिकॉर्ड पर है, सारे कागज मौजूद हैं। जिसने भी भ्रष्टाचार किया है, उसका इलाज किया जाएगा। किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह आजम खान हों या कोई अन्य बड़ा नेता।' उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट के आदेश से ही जेल भेजा जाएगा या जमानत मिलेगी।

शिवसेना का हमला

मुंबई में शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी इस मामले पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'देश की जाँच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि कोई देश के पैसे का गलत इस्तेमाल न करे। अगर कार्रवाई हो रही है, तो रोने की जगह कोर्ट में जाकर खुद को बेगुनाह साबित करें।'

दुबे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिस व्यक्ति की 'भैंसों की सुरक्षा' के लिए कभी पुलिस लगाई जाती थी, वह आज ईडी की कार्रवाई से घबरा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आजम खान हों या उनके सरपरस्त, जिन्होंने उनकी मदद की है, सभी को अपने किए का परिणाम भुगतना पड़ेगा।'

मामले की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक सरगर्मी के बीच सपा और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है। आजम खान रामपुर से कई बार विधायक और सांसद रहे हैं तथा उनके खिलाफ भूमि अधिग्रहण से लेकर जालसाजी तक के अनेक मुकदमे विभिन्न चरणों में हैं। ईडी की ताजा कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत बताई जा रही है।

आलोचकों का कहना है कि सपा इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में पेश कर रही है, जबकि एनडीए नेताओं का तर्क है कि सभी मामले न्यायालय के समक्ष हैं और जाँच एजेंसियाँ स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। आगे इस मामले में न्यायालय का रुख निर्णायक साबित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उत्तर प्रदेश की उस पुरानी प्रवृत्ति का हिस्सा है जहाँ बड़े नेताओं के मुकदमे न्यायालय और जाँच एजेंसियों के बीच वर्षों तक झूलते रहते हैं। असली सवाल यह है कि मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला कितना ठोस है — क्योंकि अगर सबूत मजबूत हैं, तो 'धार्मिक पहचान' का बयान महज बचाव की रणनीति है; और अगर कमजोर हैं, तो न्यायालय खुद रास्ता दिखाएगा। सपा का 'साजिश' का आख्यान ध्रुवीकरण की राजनीति में काम आ सकता है, लेकिन यह आरोपों के तथ्यात्मक जवाब की जगह नहीं ले सकता। दोनों पक्षों के लिए जवाबदेही का वास्तविक मंच अदालती कक्ष ही है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजम खान को ईडी ने किस मामले में गिरफ्तार किया?
ईडी ने आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में लिया। यह गिरफ्तारी उनके रामपुर जेल से जमानत पर रिहा होने के कुछ ही मिनटों बाद हुई।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आजम खान को किस मामले में जमानत दी थी?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2019 के फर्जी पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत मंजूर की थी। इसी आधार पर वे रामपुर जेल से बाहर आए थे।
आजम खान के 'मुस्लिम होने की सजा' वाले बयान पर एनडीए ने क्या कहा?
एनडीए नेताओं ने इस बयान को सिरे से खारिज किया। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि जाँच एजेंसियाँ निष्पक्ष हैं और न्यायपालिका पर भरोसा रखना चाहिए। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि सब कुछ रिकॉर्ड पर है और किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आजम खान की ईडी हिरासत को 'साजिश' करार दिया। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया, हालाँकि एनडीए नेताओं ने इस दावे को नकारा।
आजम खान के खिलाफ कितने मामले चल रहे हैं?
आजम खान के खिलाफ भूमि अधिग्रहण, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज सहित विभिन्न प्रकृति के दर्जनों मुकदमे विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। ईडी का ताजा मामला मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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