आजम खान की ईडी गिरफ्तारी पर एनडीए नेता सख्त, बोले — 'भ्रष्टाचारियों को नहीं बख्शेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान शनिवार को रामपुर जेल से बाहर आए ही थे कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में तत्काल हिरासत में ले लिया। इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2019 के फर्जी पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत मंजूर की थी। जेल से निकलने के कुछ ही मिनटों बाद ईडी की कार्रवाई पर रविवार, 2 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
आजम खान का बयान और सपा का रुख
ईडी द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आजम खान ने कहा कि वह 'मुस्लिम होने का खामियाजा' भुगत रहे हैं और 'यूनिवर्सिटी बनाने की सजा' पा रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को 'साजिश' करार दिया। गौरतलब है कि आजम खान के खिलाफ विभिन्न अदालतों में दर्जनों मुकदमे विचाराधीन हैं और यह उनकी कानूनी लड़ाई का एक लंबा सिलसिला है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों की प्रतिक्रिया
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि देश में संवैधानिक व्यवस्था है और न्यायपालिका के आदेश के आधार पर ही सरकार काम करती है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हमारी सभी जाँच एजेंसियाँ निष्पक्ष तरीके से काम कर रही हैं। जिसने कुछ गलत नहीं किया, उसके साथ कुछ गलत नहीं होगा — लेकिन जिन्होंने अनैतिक और अवैध काम किए हैं, उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई जरूर होगी।'
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आजम खान ने कथित तौर पर अपने भ्रष्टाचार से रामपुर और अन्य जगहों पर हजारों करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा किया है। उन्होंने कहा, 'सब कुछ रिकॉर्ड पर है, सारे कागज मौजूद हैं। जिसने भी भ्रष्टाचार किया है, उसका इलाज किया जाएगा। किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह आजम खान हों या कोई अन्य बड़ा नेता।' उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट के आदेश से ही जेल भेजा जाएगा या जमानत मिलेगी।
शिवसेना का हमला
मुंबई में शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी इस मामले पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'देश की जाँच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि कोई देश के पैसे का गलत इस्तेमाल न करे। अगर कार्रवाई हो रही है, तो रोने की जगह कोर्ट में जाकर खुद को बेगुनाह साबित करें।'
दुबे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिस व्यक्ति की 'भैंसों की सुरक्षा' के लिए कभी पुलिस लगाई जाती थी, वह आज ईडी की कार्रवाई से घबरा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आजम खान हों या उनके सरपरस्त, जिन्होंने उनकी मदद की है, सभी को अपने किए का परिणाम भुगतना पड़ेगा।'
मामले की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक सरगर्मी के बीच सपा और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है। आजम खान रामपुर से कई बार विधायक और सांसद रहे हैं तथा उनके खिलाफ भूमि अधिग्रहण से लेकर जालसाजी तक के अनेक मुकदमे विभिन्न चरणों में हैं। ईडी की ताजा कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत बताई जा रही है।
आलोचकों का कहना है कि सपा इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में पेश कर रही है, जबकि एनडीए नेताओं का तर्क है कि सभी मामले न्यायालय के समक्ष हैं और जाँच एजेंसियाँ स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। आगे इस मामले में न्यायालय का रुख निर्णायक साबित होगा।