क्या श्रीलंका दित्यवाह की मार से उबर रहा है? भारत की <b>ऑपरेशन सागर बंधु</b> में महत्वपूर्ण भूमिका

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क्या श्रीलंका दित्यवाह की मार से उबर रहा है? भारत की <b>ऑपरेशन सागर बंधु</b> में महत्वपूर्ण भूमिका

सारांश

श्रीलंका में दित्यवाह तूफान के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत महत्वपूर्ण बेली ब्रिज का निर्माण किया। ये पुल जाफना और कैंडी के बीच मुख्य मार्ग को फिर से खोलते हैं। इस प्रयास से स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

Key Takeaways

  • श्रीलंका में दित्यवाह तूफान का गंभीर असर हुआ।
  • भारतीय सेना के बेली ब्रिज लोगों की आवाजाही में सहायक हैं।
  • ऑपरेशन सागर बंधु के तहत राहत कार्य जारी है।
  • इस मौके पर भारत ने एक विश्वसनीय पड़ोसी की भूमिका निभाई है।
  • नए पुलों के निर्माण से स्थानीय जीवन में सुधार की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में दित्यवाह द्वारा उत्पन्न विनाश के बाद, भारत सरकार ऑपरेशन सागर बंधु के अंतर्गत सहायता प्रदान कर रही है। भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स बी-492 को पुनर्स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रयास के तहत, सफलतापूर्वक दो महत्वपूर्ण बेली ब्रिज बनाए गए हैं और अब तीसरा पुल भी तैयार कर लिया गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि भारतीय सेना ने जाफना और कैंडी क्षेत्रों में पहले ही दो महत्वपूर्ण बेली ब्रिज बनाए हैं। अब, तीसरा बेली ब्रिज भी तैयार हो गया है, जो 120 फीट लंबा है और श्रीलंका के सेंट्रल प्रोविंस में बी-492 हाईवे पर केएम 15 के पास स्थित है।

यह पुल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कैंडी और नुवारा एलिया जिलों को जोड़ता है। दित्यवाह तूफान के बाद यह मार्ग लगभग एक महीने तक बंद रहा, जिससे लोगों की आवाजाही, आवश्यक सामान की आपूर्ति और आपात सेवाओं पर प्रभाव पड़ा। नए पुल के निर्माण से यह क्षेत्र फिर से मुख्य मार्ग से जुड़ गया है और अब लोगों की जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जगी है।

यह ध्यान देने योग्य है कि श्रीलंका में आए इस भीषण तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। तेज बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण सड़कों, पुलों और संचार प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा। कई क्षेत्र एक-दूसरे से कट गए और लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ा। इस कठिन घड़ी में, भारत ने एक विश्वसनीय पड़ोसी के रूप में आगे बढ़कर श्रीलंका की सहायता की।

भारत सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए ऑपरेशन सागर बंधु की शुरुआत की। इस ऑपरेशन के अंतर्गत, भारतीय सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों ने मिलकर श्रीलंका में राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और आवश्यक ढांचे का पुनर्निर्माण शुरू किया। भारत की प्राथमिकता रही कि श्रीलंका को इस आपदा से उबरने में हर संभव सहायता प्रदान की जाए।

Point of View

भारत ने एक विश्वसनीय पड़ोसी के रूप में श्रीलंका की सहायता की है। यह कदम न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने में भी सहायक है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

ऑपरेशन सागर बंधु क्या है?
यह भारत सरकार द्वारा श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों के लिए शुरू किया गया एक विशेष अभियान है।
दित्यवाह तूफान ने श्रीलंका में क्या नुकसान पहुंचाया?
इस तूफान ने भूस्खलन, बाढ़ और सड़कों को काफी नुकसान पहुंचाया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
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