श्रीलंका ने ईंधन और ऊर्जा उपयोग के लिए नई गाइडलाइन जारी की, बिजली की बचत पर जोर

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श्रीलंका ने ईंधन और ऊर्जा उपयोग के लिए नई गाइडलाइन जारी की, बिजली की बचत पर जोर

सारांश

श्रीलंका ने हाल ही में ऊर्जा और ईंधन के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इस दिशा में उठाए गए कदमों का उद्देश्य देश को भविष्य के संभावित संकटों से बचाना है। जानिए किस तरह के नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।

Key Takeaways

  • श्रीलंका में ऊर्जा और ईंधन के उपयोग पर नई गाइडलाइंस लागू की गई हैं।
  • बिजली की सीमित आपूर्ति के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
  • सरकारी और निजी संस्थाओं में एयर कंडीशनर बंद करने का आदेश दिया गया है।
  • स्थानीय सरकारी प्राधिकरण को स्ट्रीट लाइट बंद करने के लिए कार्यक्रम लागू करने की आवश्यकता है।
  • क्यूआर-कोड आधारित ईंधन राशनिंग प्रणाली भी लागू की गई है।

कोलंबो, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण, श्रीलंका ने पिछले कुछ हफ्तों में विभिन्न प्रकार की एडवाइजरी जारी की हैं। इसका मुख्य उद्देश्य देश को भविष्य में किसी भी ईंधन या ऊर्जा संकट से बचाना है। सोमवार को, नए दिशानिर्देश जारी किए गए, जिनमें बिजली के सीमित उपयोग पर जोर दिया गया है।

जरूरी सेवाओं के कमिश्नर जनरल कार्यालय ने ईंधन और ऊर्जा के उपयोग के लिए नई गाइडलाइंस का ऐलान किया है। इसमें कहा गया है कि 100 से अधिक लोगों के साथ रातभर आयोजित होने वाले उत्सव और संगीत कार्यक्रमों को नेशनल ग्रिड से बिजली नहीं दी जाएगी।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी और कानूनी संस्थानों में दोपहर 3 बजे सभी एयर कंडीशनर बंद करने होंगे। निजी क्षेत्र से भी इसी तरह का अनुरोध किया गया है।

विभिन्न स्थानों पर लगे रोशनी वाले विज्ञापन बोर्ड और स्क्रीन को रात 8 बजे के बाद बंद करने का निर्देश भी दिया गया है।

गाइडलाइंस में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय सरकारी प्राधिकरण को शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच स्ट्रीट लाइट बंद करने के लिए उचित कार्यक्रम लागू करने होंगे।

ये गाइडलाइंस सभी मंत्रालयों के सचिव, सभी प्रांतीय प्रमुख सचिव, सभी जिला सचिव और सभी कानूनी संस्थाओं के अध्यक्षों को भेजी गई हैं।

इससे पहले, श्रीलंका ने सप्ताह के मध्य में एक छुट्टी की घोषणा की थी। मार्च के मध्य में, बुधवार को छुट्टी का ऐलान किया गया था, जिसे भविष्य के ईंधन संकट से निपटने की कोशिश माना गया।

श्रीलंका सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों को हर बुधवार बंद रखने का निर्णय लिया है। यह नियम मार्च 2026 के मध्य से लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ऊर्जा की बचत और सीमित संसाधनों का प्रबंधन करना है। इसके अलावा, ईंधन की कालाबाजारी को रोकने के लिए, सरकार ने क्यूआर-कोड आधारित ईंधन राशनिंग प्रणाली भी लागू की है।

Point of View

NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

श्रीलंका में नई ऊर्जा गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नई गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा और ईंधन के उपयोग को नियंत्रित करना और संभावित संकटों से बचना है।
कब से ये नई गाइडलाइंस लागू होंगी?
ये गाइडलाइंस तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।
बिजली की बचत के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकारी और निजी संस्थानों में एयर कंडीशनर को दोपहर 3 बजे बंद करने का निर्देश दिया गया है।
क्या सार्वजनिक कार्यक्रमों को बिजली मिलेगी?
100 से अधिक लोगों के कार्यक्रमों को राष्ट्रीय ग्रिड से बिजली नहीं मिलेगी।
क्यूआर-कोड आधारित राशनिंग प्रणाली का क्या मतलब है?
यह प्रणाली ईंधन की कालाबाजारी को रोकने के लिए लागू की गई है।
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