सुनील जाखड़: भगवंत मान का सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं
सारांश
Key Takeaways
- गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- भाजपा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नैतिकता का सवाल उठाया गया है।
- मंत्री भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
- राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं।
चंडीगढ़, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास अब सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं है।
मीडिया से बातचीत करते हुए जाखड़ ने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि पहले लोग जबरन वसूली के कारण अपनी जान गंवा रहे थे और गैंगस्टरों के आतंक का सामना कर रहे थे। लेकिन अब तो सरकारी अधिकारी भी मंत्रियों की कथित मांगों को पूरा न कर पाने के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।
गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में नाम आने के बाद, पंजाब के परिवहन एवं कारागार मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को मुख्यमंत्री मान ने इस्तीफा देने के लिए कहा।
राज्य भाजपा अध्यक्ष जाखड़ ने कहा कि यह घटना एक सरकारी अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या के समान है और मंत्री भुल्लर के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
जाखड़ ने मुख्यमंत्री के इस बयान पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि मामले की जांच राज्य के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को सौंपी जाएगी और सवाल उठाया कि मुख्य सचिव कब से हत्या के मामलों की जांच कर रहे हैं।
मुख्य सचिव को पट्टी विधानसभा क्षेत्र के विधायक भुल्लर से जुड़े उत्पीड़न और निविदा विवाद के आरोपों की जांच करने को कहा गया था।
राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस घटना ने राज्य सरकार की ईमानदारी के दावों की सच्चाई को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह राज्य मंत्रिमंडल नहीं बल्कि मंत्रियों का एक समूह है।
जाखड़ ने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने और मामले की स्वतंत्र एजेंसी द्वारा समयबद्ध जांच कराने की मांग की।