26 अगस्त 2026
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सुपौल में झूलन पूजा कीर्तन पर बेकाबू वाहन का कहर, पाँच श्रद्धालुओं की मौत; एक गंभीर

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सुपौल में झूलन पूजा कीर्तन पर बेकाबू वाहन का कहर, पाँच श्रद्धालुओं की मौत; एक गंभीर

सारांश

झूलन पूजा की रात कीर्तन में बैठे श्रद्धालुओं पर बेकाबू वाहन का कहर — सुपौल के कटैया चौक पर पाँच की मौत, एक गंभीर। राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे अतिक्रमण पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग।

मुख्य बातें

26 अगस्त 2026 की देर रात सुपौल के कटैया चौक पर झूलन पूजा कीर्तन के दौरान तेज रफ्तार वाहन ने श्रद्धालुओं को रौंदा।
मृतकों में तिलाई दास (65) , राजू दास (50) , सुरेंद्र यादव (45) , भुवनेश्वरी यादव उर्फ कोयली यादव और कृष्ण मोहन साह शामिल हैं — सभी कटैया पंचायत के निवासी।
रामचंद्र यादव गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में उपचाराधीन।
वाहन लोगों को कुचलने के बाद 50 मीटर आगे जाकर एक दुकान में घुसा; पिपरा थाना पुलिस ने वाहन जब्त कर जाँच शुरू की।
ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई किनारे अतिक्रमण हटाने की माँग की; जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे।

बिहार के सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में 26 अगस्त 2026 की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पाँच लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। कटैया चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई किनारे स्थित बजरंगबली मंदिर के पास झूलन पूजा के अवसर पर कीर्तन कर रहे श्रद्धालुओं को एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने रौंद दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मृतकों के परिजनों में कोहराम फैल गया।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिपरा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा चार पहिया वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे बैठकर कीर्तन कर रहे श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों को कुचलने के बाद वाहन करीब 50 मीटर आगे जाकर सड़क किनारे स्थित एक दुकान में जा घुसा। हादसा इतनी तेज़ी से हुआ कि श्रद्धालुओं को बचने का मौका तक नहीं मिला।

मृतकों और घायल की पहचान

हादसे में तिलाई दास (65 वर्ष), राजू दास (50 वर्ष), सुरेंद्र यादव (45 वर्ष), भुवनेश्वरी यादव उर्फ कोयली यादव और कृष्ण मोहन साह की मौके पर ही मौत हो गई। रामचंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तत्काल अस्पताल पहुँचाया। सभी मृतक कटैया पंचायत के निवासी बताए गए हैं।

प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया

सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। मंगलवार देर रात जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया।

ग्रामीणों का आक्रोश और माँगें

पाँच लोगों की मौत के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई के किनारे अतिक्रमण और अस्थायी दुकानों के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित होता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क किनारे की सभी अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण को हटाने की माँग की है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियाँ न दोहराई जाएँ।

आगे की स्थिति

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब बिहार में त्योहारी मौसम के दौरान सड़क सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। पुलिस वाहन चालक की पहचान और हादसे के कारणों — जैसे तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग या वाहन की यांत्रिक खराबी — की जाँच कर रही है। मृतकों के परिवारों को मुआवज़े और आगे की कार्रवाई पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि प्रशासन हर हादसे के बाद जाँच का आश्वासन देता है — स्थायी सुधार कब होगा?
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुपौल कीर्तन हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। सभी मृतक कटैया पंचायत, सुपौल के निवासी बताए गए हैं।
सुपौल का यह हादसा कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा 26 अगस्त 2026 की देर रात बिहार के सुपौल जिले में कटैया चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई किनारे बजरंगबली मंदिर के पास हुआ। उस समय वहाँ झूलन पूजा के अवसर पर कीर्तन चल रहा था।
हादसे में मारे गए लोगों के नाम क्या हैं?
मृतकों में तिलाई दास (65 वर्ष), राजू दास (50 वर्ष), सुरेंद्र यादव (45 वर्ष), भुवनेश्वरी यादव उर्फ कोयली यादव और कृष्ण मोहन साह शामिल हैं। घायल रामचंद्र यादव अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
हादसे के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पिपरा थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया और मामले की जाँच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी देर रात अस्पताल पहुँचे।
ग्रामीण इस हादसे के बाद क्या माँग कर रहे हैं?
ग्रामीणों ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई किनारे की सभी अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण को हटाने की माँग की है। उनका कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण आवागमन प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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