4 अक्टूबर 2026
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नंदीग्राम उपचुनाव प्रचार: CM सुवेंदु अधिकारी ने ममता की 2021 पैर चोट पर उठाए सवाल

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नंदीग्राम उपचुनाव प्रचार: CM सुवेंदु अधिकारी ने ममता की 2021 पैर चोट पर उठाए सवाल

सारांश

नंदीग्राम उपचुनाव प्रचार के आखिरी दिन सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की 2021 पैर चोट पर मेडिकल दस्तावेज़ दिखाकर CID मामले को 'झूठ पर आधारित' करार दिया। आचार संहिता हटने के बाद कानूनी कार्रवाई की चेतावनी से यह विवाद मतदान के बाद भी गरम रहने की आशंका है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 4 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम उपचुनाव प्रचार के अंतिम दिन ममता बनर्जी की 2021 पैर चोट पर सवाल उठाए।
अधिकारी का दावा है कि सरकारी मेडिकल रिकॉर्ड में टूटी हड्डियों का कोई सबूत नहीं , फिर भी BJP नेताओं पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दस्तावेज़ दिखाकर इसे ममता बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट बताया।
BJP उम्मीदवार हसी रानी रथ दिवंगत चंद्रनाथ रथ की माता हैं, जो अधिकारी के निजी सहायक थे।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि आदर्श आचार संहिता हटने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने माना कि पिछले तीन चुनावों में नंदीग्राम में BJP को अल्पसंख्यक वोट लगभग नहीं मिले ।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दिन पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम में ममता बनर्जी की पैर की चोट को लेकर तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने राज्य पुलिस के आपराधिक जाँच विभाग (CID) का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया, जबकि सरकारी मेडिकल रिकॉर्ड में टूटी हड्डियों का कोई प्रमाण नहीं है।

मुख्य आरोप और दावे

मुख्यमंत्री अधिकारी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में और रविवार के प्रचार मार्च के दौरान एक दस्तावेज़ दिखाते हुए दावा किया कि यह ममता बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट है, जिसमें टूटी हड्डियों का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा — 'अगर सरकारी रिकॉर्ड में चोट या टूटी हड्डियों का कोई सबूत नहीं है, तो उस घटना के मद्देनजर BJP नेताओं के खिलाफ मामला क्यों दर्ज किया गया?' गौरतलब है कि ममता बनर्जी 10 मार्च 2021 को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान घायल हुई थीं और वह घटना उस चुनाव का सबसे विवादास्पद प्रसंग बन गई थी।

राजनीतिक संदर्भ और पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम उपचुनाव की तारीख निकट है और भाजपा उम्मीदवार हसी रानी रथ — जो सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की माता हैं — के समर्थन में प्रचार जोरों पर है। अधिकारी ने तंज कसते हुए कहा कि क्या पश्चिम बंगाल को 10 मार्च को 'झूठ दिवस' के रूप में मनाना चाहिए। यह नंदीग्राम सीट वही है जहाँ 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था, जिससे यह क्षेत्र बंगाल की राजनीति का केंद्रबिंदु बन गया है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि मतदान के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएँगे। उनके अनुसार, जो लोग झूठे मामलों में फँसाए गए हैं उन्हें कानूनी सुरक्षा दी जाएगी, जबकि जानबूझकर झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई होगी।

अल्पसंख्यक वोट और चुनावी अपील

अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले तीन चुनावों में नंदीग्राम में BJP को अल्पसंख्यक वोट लगभग नहीं मिले। उन्होंने कहा कि इस बार स्थिति बदलेगी या नहीं, यह देखना बाकी है। साथ ही उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि हसी रानी रथ को पिछले राज्य विधानसभा चुनावों में मिली जीत से भी बड़े अंतर से विजयी बनाएँ।

आगे क्या

नंदीग्राम उपचुनाव के परिणाम बंगाल में BJP बनाम TMC की सत्ता-राजनीति का अगला पड़ाव तय करेंगे। आचार संहिता हटने के बाद कानूनी कार्रवाई की अधिकारी की घोषणा से यह विवाद चुनाव के बाद भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मेडिकल दस्तावेज़ का सार्वजनिक प्रदर्शन एक गंभीर दावा है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। 2021 की घटना पहले भी विवादित रही है — दोनों पक्षों ने परस्पर विरोधी आरोप लगाए थे — इसलिए इस बार भी इसे केवल TMC के जवाब की प्रतीक्षा के बाद ही स्पष्ट रूप से आँका जा सकता है। जो बात इस घटनाक्रम को व्यापक बनाती है वह यह है कि अधिकारी ने आचार संहिता हटने के बाद कानूनी कार्रवाई की घोषणा की — यानी चुनावी बयानबाजी से आगे जाकर संस्थागत कदम उठाने का संकेत दिया। बंगाल की राजनीति में CID और न्यायिक तंत्र का दलीय उपकरण के रूप में इस्तेमाल का आरोप नया नहीं है, पर इसका दस्तावेज़ी समर्थन सार्वजनिक जवाबदेही की नई माँग खड़ी करता है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की पैर चोट पर क्या आरोप लगाए?
अधिकारी ने दावा किया कि 2021 में नंदीग्राम चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी की पैर चोट के आधार पर BJP नेताओं पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया, जबकि सरकारी मेडिकल रिकॉर्ड में टूटी हड्डियों का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने एक दस्तावेज़ को ममता की मेडिकल रिपोर्ट बताते हुए सार्वजनिक रूप से दिखाया।
ममता बनर्जी को 2021 में कब और कहाँ चोट लगी थी?
ममता बनर्जी 10 मार्च 2021 को नंदीग्राम में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान घायल हुई थीं। यह घटना उस चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई थी, जिसमें तृणमूल और BJP ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे।
नंदीग्राम उपचुनाव में BJP उम्मीदवार कौन हैं?
BJP की उम्मीदवार हसी रानी रथ हैं, जो सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की माता हैं। अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव से भी बड़े अंतर से जिताया जाए।
चुनाव के बाद किस कानूनी कार्रवाई की बात हो रही है?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि मतदान के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएँगे। जो लोग झूठे मामलों में फँसाए गए उन्हें सुरक्षा दी जाएगी और जानबूझकर झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी।
नंदीग्राम में BJP को अल्पसंख्यक वोट मिलने की क्या स्थिति है?
सुवेंदु अधिकारी ने स्वयं स्वीकार किया कि पिछले तीन चुनावों में नंदीग्राम में BJP को अल्पसंख्यक वोट लगभग नहीं मिले। उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में स्थिति बदलेगी या नहीं, यह देखना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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