5 अक्टूबर 2026
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नंदीग्राम चोट विवाद: CM सुवेंदु अधिकारी की ममता बनर्जी को चेतावनी — 'दावे आगे बढ़ाए तो और शर्मिंदगी होगी'

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नंदीग्राम चोट विवाद: CM सुवेंदु अधिकारी की ममता बनर्जी को चेतावनी — 'दावे आगे बढ़ाए तो और शर्मिंदगी होगी'

सारांश

नंदीग्राम का पुराना घाव फिर ताजा हो गया। ममता बनर्जी के वकील के कानूनी नोटिस के जवाब में CM सुवेंदु अधिकारी ने खुलेआम X-ray और MRI रिपोर्ट दिखाने की धमकी दी — और यह सब उपचुनाव से ठीक पहले। राजनीति, कानून और चिकित्सा रिकॉर्ड का यह टकराव अब अदालत तक जा सकता है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 5 अक्टूबर 2026 को ममता बनर्जी को चेतावनी दी कि 2021 नंदीग्राम चोट के दावे आगे बढ़ाने पर और शर्मिंदगी होगी।
ममता बनर्जी के वकील ने एस.एस.के.एम.
मेडिकल कॉलेज और बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर कानूनी नोटिस भेजा।
अधिकारी ने 11 मार्च 2021 की रेडियोडायग्नोसिस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर फ्रैक्चर का कोई प्रमाण नहीं था।
2021 विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम से 2,000 से कम मतों के अंतर से अधिकारी से हारी थीं।
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के परिणाम 9 अक्टूबर 2026 को आने के बाद अलग जांच की घोषणा।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को विपक्ष की नेता ममता बनर्जी को कड़ी चेतावनी दी कि वे 2021 नंदीग्राम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित पैर की चोट से जुड़े अपने दावों को और आगे न बढ़ाएं, अन्यथा उन्हें और अधिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है। यह तीखी प्रतिक्रिया तब सामने आई जब ममता बनर्जी के वकील ने दक्षिण कोलकाता के प्रतिष्ठित एस.एस.के.एम. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज से जुड़े तीन वरिष्ठ चिकित्सकों को कानूनी नोटिस भेजा।

विवाद की पृष्ठभूमि

कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री की एक विशेष मेडिकल रिपोर्ट उनकी अनुमति के बिना सार्वजनिक की गई। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अधिकारी ने इससे पहले शनिवार को बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज की 11 मार्च 2021 की एक रेडियोडायग्नोसिस रिपोर्ट का सार्वजनिक रूप से हवाला दिया था। उनके अनुसार, उस रिपोर्ट में तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री के अंग में किसी भी फ्रैक्चर का कोई प्रमाण नहीं पाया गया था।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं और 9 अक्टूबर 2026 को परिणाम घोषित होने हैं, जिससे यह विवाद स्पष्ट रूप से राजनीतिक रंग ले चुका है।

मुख्यमंत्री अधिकारी की सीधी चुनौती

मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'मैं उनसे गुजारिश करूंगा कि वे इस मामले को और न कुरेदें। अगर मैंने अभी एक्स-रे और एमआरआई रिपोर्ट दिखाना शुरू कर दिया तो वे घर से बाहर नहीं निकल पाएंगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे बताएंगे कि उन्हें रेडियोडायग्नोसिस रिपोर्ट किस स्रोत से प्राप्त हुई।

अधिकारी ने आगे कहा, 'उन्होंने पैर में फ्रैक्चर के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराईं। उन्हें लगा था कि वे चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता में लौटेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वे अपने कार्यालय के दराज में कई जरूरी कागजात छोड़ गई थीं और उन्हें साथ नहीं ले जा पाईं।'

2021 नंदीग्राम चुनाव का संदर्भ

2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार के रूप में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था। वे 2,000 से भी कम मतों के अत्यंत संकीर्ण अंतर से सुवेंदु अधिकारी से पराजित हुई थीं। कथित तौर पर प्रचार के दौरान पैर पर प्लास्टर और व्हीलचेयर पर रहते हुए भी उन्होंने अपना चुनाव अभियान जारी रखा था।

हार के बावजूद ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं। अब वे विपक्ष की नेता के रूप में सक्रिय हैं।

उपचुनाव और जांच की तैयारी

मुख्यमंत्री अधिकारी ने शनिवार को यह भी संकेत दिया था कि नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के परिणाम 9 अक्टूबर को आने के बाद इस पूरे मामले में एक अलग जांच आरंभ की जाएगी। इस घोषणा को राजनीतिक विश्लेषक उपचुनाव-पूर्व दबाव की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।

आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ममता बनर्जी की कानूनी टीम इस मामले में किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या यह विवाद न्यायालय तक पहुँचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता-परिवर्तन के बाद की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें पूर्व सत्तारूढ़ दल को लगातार रक्षात्मक स्थिति में रखा जा रहा है। उपचुनाव से ठीक पहले इस तरह की 'X-ray दिखाने' की सार्वजनिक धमकी को राजनीतिक दबाव की रणनीति से अलग करना मुश्किल है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि डॉक्टरों को कानूनी नोटिस भेजना मेडिकल गोपनीयता के एक गंभीर सवाल को उठाता है — यह नोटिस राजनीतिक विवाद से परे, चिकित्सा रिकॉर्ड की सुरक्षा पर व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम चोट विवाद क्या है और यह अभी क्यों उठा?
2021 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को नंदीग्राम में कथित रूप से पैर में चोट लगी थी और उन्होंने BJP नेताओं पर FIR दर्ज कराई थी। अब CM सुवेंदु अधिकारी ने एक रेडियोडायग्नोसिस रिपोर्ट का हवाला देकर इस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसके जवाब में ममता के वकील ने संबंधित डॉक्टरों को कानूनी नोटिस भेजा है।
ममता बनर्जी के वकील ने डॉक्टरों को कानूनी नोटिस क्यों भेजा?
ममता बनर्जी के वकील का आरोप है कि एस.एस.के.एम. मेडिकल कॉलेज और बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के तीन वरिष्ठ डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट उनकी अनुमति के बिना सार्वजनिक कर दी। यह मरीज की चिकित्सा गोपनीयता से जुड़ा गंभीर कानूनी मुद्दा है।
CM सुवेंदु अधिकारी ने किस रिपोर्ट का हवाला दिया?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज की 11 मार्च 2021 की रेडियोडायग्नोसिस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री के अंग में फ्रैक्चर का कोई प्रमाण नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे X-ray और MRI रिपोर्ट सार्वजनिक कर सकते हैं।
2021 में नंदीग्राम सीट पर क्या हुआ था?
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से TMC उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन वे 2,000 से भी कम मतों के अंतर से सुवेंदु अधिकारी से हार गईं। बाद में उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर तीसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला।
इस विवाद का नंदीग्राम उपचुनाव से क्या संबंध है?
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर 2026 को आने हैं। CM अधिकारी ने परिणाम के बाद इस मामले में अलग जांच शुरू करने की बात कही है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक उपचुनाव-पूर्व दबाव की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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