क्या स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से भारत के ग्रामीण कारीगरों और बुनकरों को आर्थिक सहारा मिलेगा?

सारांश
Key Takeaways
- स्वदेशी उत्पादों का उपयोग ग्रामीण कारीगरों को आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
- यह राष्ट्रीय चेतना को भी मजबूती देता है।
- अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना स्वदेशी उत्पादों से किया जा सकता है।
- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित रहती है।
- विपक्ष पर नकारात्मक राजनीतिक एजेंडा का आरोप लगाया गया।
नई दिल्ली, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रमुख कौसर जहां ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि यह न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि राष्ट्रीय चेतना को भी मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि स्वदेशी उत्पादों के उपयोग से भारत के ग्रामीण कारीगरों और बुनकरों को आर्थिक सहारा मिलेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और भी सशक्त होगी।
कौसर जहां ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की बात की है। यह केवल आर्थिक नीति नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा है। चाहे दीपावली पर स्थानीय उत्पाद खरीदना हो या खादी को बढ़ावा देना, पीएम की अपील का असर पूरे देश में दिखता है। हमारे कारीगर और बुनकर सशक्त हुए हैं, और अर्थव्यवस्था को भी बल मिला है।"
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों जैसे अमेरिका के टैरिफ का सामना करने का सबसे अच्छा तरीका स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। मैं सभी भारतीयों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील करती हूं, क्योंकि यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय उत्पादों का समर्थन करने से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित रहेगी।
कौसर जहां ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है। यह 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है। राहुल गांधी को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।"
उन्होंने विपक्ष पर हताशा और जनता से कटे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका कोई सकारात्मक राजनीतिक एजेंडा नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी के हाल के जापान और चीन दौरे पर टिप्पणी करते हुए कौसर जहां ने कहा, "जापान के साथ भारत के पुराने और मजबूत संबंध हैं। चीन के साथ भी व्यापारिक रिश्ते लंबे समय से चले आ रहे हैं। उन्होंने जो भी कदम उठाया होगा, वह देश के हित में ही होगा। पीएम का यह दौरा भारत के वैश्विक कद को और मजबूत करेगा।"