क्या स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल कर हम देश को आगे बढ़ा सकते हैं?: ब्रजेश पाठक

सारांश
Key Takeaways
- स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।
- त्योहारों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें।
- हमारी संस्कृति और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है।
लखनऊ, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आग्रह का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग की अपील की थी।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी को लेकर लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से भी स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग की बात कही थी। उन्होंने सभी दुकानदारों से आग्रह किया था कि वे स्वदेशी माल ही खरीदें और उसे बेचें। मैं भी प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि वे स्वदेशी अपनाएं और देश को आगे बढ़ाएं।"
दरअसल, वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लोगों से स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल करने का आग्रह किया था। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना में स्वदेशी की भूमिका को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया था। इसके बाद उन्होंने अपने कई संबोधनों, जैसे बिहार और पश्चिम बंगाल में भी स्वदेशी की ताकत के बारे में लोगों को बताया।
अपने एक भाषण में, उन्होंने लोगों से त्योहारी सीजन में स्वदेशी वस्तुओं को खरीदने का आग्रह करते हुए कहा था, "यह त्योहारों का मौसम है। अब नवरात्रि, विजयादशमी, धनतेरस, दीपावली... ये सभी त्योहार आ रहे हैं। ये हमारी संस्कृति के उत्सव हैं, लेकिन ये आत्मनिर्भरता के भी उत्सव होने चाहिए। इसलिए, मैं आपसे एक बार फिर अनुरोध करना चाहता हूं कि हमें अपने जीवन में एक मंत्र अपनाना चाहिए, हम जो भी खरीदेंगे, वह 'मेड इन इंडिया' होगा, स्वदेशी होगा।"
उन्होंने कहा था, "मैं देश के नागरिकों से अपील करता हूं कि वे भारत में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता दें, चाहे वह सजावटी सामान हो या उपहार। आइए हम अपने देश में निर्मित उत्पादों का चयन करें। मैं व्यवसायों को दूसरे देशों से आयातित वस्तुओं को बेचने से बचने के लिए भी प्रोत्साहित करता हूं। ये छोटे लेकिन प्रभावशाली कदम हमारे देश की प्रगति और समृद्धि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।"