क्या टी20 के टॉप-10 सफलतम गेंदबाजों में कोई भारतीय गेंदबाज नहीं है?

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क्या टी20 के टॉप-10 सफलतम गेंदबाजों में कोई भारतीय गेंदबाज नहीं है?

सारांश

टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों की सफलता पर एक दिलचस्प नज़र। क्या भारतीय गेंदबाज इस सूची से बाहर रह गए हैं? जानें इसके पीछे के कारण और भारतीय क्रिकेट की वर्तमान स्थिति।

Key Takeaways

  • टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों की सफलता महत्वपूर्ण है।
  • भारतीय गेंदबाजों के पास सीमित अवसर हैं।
  • बीसीसीआई की नीतियों का प्रभाव है।
  • युजवेंद्र चहल का प्रदर्शन उल्लेखनीय है।
  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय गेंदबाजों की स्थिति मजबूत है।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। टी20 फॉर्मेट वर्तमान में सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट प्रारूप है। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, घरेलू क्रिकेट और लीग क्रिकेट में अपनी उपस्थिति को लगातार बढ़ाता जा रहा है। हालांकि, इसे आमतौर पर बल्लेबाजों का खेल समझा जाता है, लेकिन गेंदबाजों ने भी इस प्रारूप में अपनी छाप छोड़ी है और शानदार सफलता पाई है।

भारतीय क्रिकेट को हमेशा से अपनी बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। लेकिन जवागल श्रीनाथ, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, आर अश्विन, और जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी से सभी को प्रभावित किया है। कुंबले, हरभजन, अश्विन और बुमराह को क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में गिना जाता है।

फिर भी, यह चौंकाने वाला है कि टी20 के शीर्ष 10 सबसे सफल गेंदबाजों की सूची में एक भी भारतीय गेंदबाज का नाम नहीं है।

यदि हम टी20 के शीर्ष 10 गेंदबाजों की बात करें, तो पहले स्थान पर अफगानिस्तान के राशिद खान हैं, जिन्होंने 2015 से 2025 के बीच 487 मैचों में 660 विकेट लिए हैं। दूसरे स्थान पर ड्वेन ब्रावो हैं, जिन्होंने 2006 से 2024 के बीच 582 मैचों में 631 विकेट लिए। तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के सुनील नरेन हैं, जिन्होंने 2011 से 2025 के बीच 557 मैचों में 590 विकेट लिए।

दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर चौथे स्थान पर हैं, जिन्होंने 2006 से 2025 के बीच 436 मैचों में 554 विकेट लिए हैं। 46 वर्ष की उम्र में ताहिर अभी भी क्रिकेट में सक्रिय हैं। पांचवे स्थान पर बांग्लादेश के शाकिब अल हसन हैं, जिनके नाम 457 मैचों में 502 विकेट हैं।

वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल 2010 से 2025 के बीच 564 मैचों में 487 विकेट लेकर छठे स्थान पर हैं। इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन 2008 से 2025 के बीच 418 मैचों में 438 विकेट लेकर सातवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान के वहाब रियाज 2005 से 2023 के बीच 348 मैचों में 438 विकेट लेकर आठवें स्थान पर, पाकिस्तान के ही मोहम्मद आमिर 2008 से 2025 के बीच 344 मैचों में 401 विकेट लेकर नौवें स्थान पर हैं। श्रीलंका के लसिथ मलिंगा 2004 से 2020 के बीच 295 मैचों में 390 विकेट लेकर दसवें स्थान पर हैं।

इस सूची में भारत का कोई भी गेंदबाज मौजूद नहीं है। सफलतम गेंदबाजों की सूची में युजवेंद्र चहल का नाम है, जिन्होंने 2009 से 2025 के बीच 326 मैचों में 380 विकेट लिए हैं। चहल चौदहवें स्थान पर हैं।

जब हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शीर्ष दस टेस्ट और वनडे गेंदबाजों की सूची पर नजर डालते हैं, तो उसमें भारतीय गेंदबाजों का नाम है। अंतरराष्ट्रीय टी20 में भी शीर्ष 10 गेंदबाजों की लिस्ट में चहल एकमात्र भारतीय गेंदबाज हो सकते थे, यदि पिछले दो-तीन वर्षों में उन्हें अधिक मौके मिले होते।

कुल मिलाकर, टी20 गेंदबाजों की शीर्ष दस सूची में कोई भारतीय गेंदबाज नहीं है। इसका कारण क्या हो सकता है?

वास्तव में, बीसीसीआई किसी भी खिलाड़ी को भारत के बाहर खेली जाने वाली लीग में खेलने की अनुमति नहीं देती है। इस कारण भारतीय गेंदबाजों के पास केवल घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का विकल्प है। जबकि अन्य देशों के खिलाड़ी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ विश्व में खेली जाने वाली हर लीग का हिस्सा हैं। यही कारण है कि उनके पास विकेट लेने के अवसर अधिक हैं। भारतीय गेंदबाजों के पास ऐसा अवसर नहीं है। परिणामस्वरूप, भारतीय गेंदबाज टी20 की शीर्ष सूची में नहीं हैं।

Point of View

भारतीय क्रिकेट ने गेंदबाजी में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन टी20 प्रारूप में अवसरों की कमी ने भारतीय गेंदबाजों को शीर्ष स्थान से वंचित रखा है। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिसे ध्यान में रखा जाना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

टी20 क्रिकेट में सबसे सफल गेंदबाज कौन हैं?
टी20 क्रिकेट में सबसे सफल गेंदबाज अफगानिस्तान के राशिद खान हैं, जिन्होंने 2015 से 2025 के बीच 660 विकेट लिए हैं।
क्यों भारतीय गेंदबाज टी20 के शीर्ष 10 में नहीं हैं?
भारतीय गेंदबाजों को बीसीसीआई द्वारा विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति नहीं है, जिससे उनके पास विकेट लेने के सीमित अवसर हैं।
क्या युजवेंद्र चहल एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं?
हाँ, युजवेंद्र चहल 380 विकेट लेकर चौदहवें स्थान पर हैं, लेकिन वह शीर्ष 10 में नहीं हैं।
टी20 प्रारूप की लोकप्रियता का क्या कारण है?
टी20 प्रारूप की लोकप्रियता का कारण इसकी तेज गति, रोमांचक खेल और दर्शकों के लिए आकर्षण है।
क्या भारतीय गेंदबाज भविष्य में टी20 में सफल हो सकते हैं?
यदि भारतीय गेंदबाजों को अधिक अवसर दिए जाएं, तो वे निश्चित रूप से भविष्य में टी20 में सफल हो सकते हैं।