भाजपा देश को पीछे धकेलना चाहती है, दुनिया आगे बढ़ रही है: तारिक अनवर
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा पर देश को पीछे धकेलने का आरोप
- महाकाल स्टैंडर्ड टाइम का प्रस्ताव
- कांग्रेस का सभी धर्मों का सम्मान करने का दृष्टिकोण
- मध्य-पूर्व का तनाव और उसकी ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव
- राजनीतिक बयानबाजी में नई धार
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) को महाकाल स्टैंडर्ड टाइम (एमएसटी) में बदलने का सुझाव दिया है, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस के सांसदों ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह देश को पीछे कर रही है।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा, "दुनिया प्रगति कर रही है, लेकिन भाजपा देश को पीछे ले जाने की कोशिश कर रही है। यह बेहद निराशाजनक है। हमें विकास की ओर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए, इस पर ध्यान देना चाहिए। भाजपा चाहती है कि लोग कुएं में मेंढक की तरह रहें, बाहर न निकलें।"
उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व में तनाव के बीच जलमार्ग से एलएनजी लाने वाले जहाज के भारत आने पर कहा, "यह सकारात्मक है। आवश्यकता अनुसार आपूर्ति होने से लोगों को राहत मिलेगी। एक जहाज से काम नहीं चलेगा, शायद यह एक दिन की आपूर्ति भी न कर सके।"
बंगाल चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशी के सवाल पर उन्होंने कहा, "कांग्रेस की विचारधारा सभी को पता है। हम सभी धर्मों और जातियों का सम्मान करते हैं। बंगाल में 32 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, इसलिए उनकी प्रतिनिधित्व अधिक होनी चाहिए। इसमें किसी को आपत्ति नहीं करनी चाहिए।"
इसके अतिरिक्त, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "देश गंभीर संकट का सामना कर रहा है। सप्लाई की तुलना में डिमांड अधिक है, इसलिए संकट बना रहेगा।"
उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के गिरफ्तारी संबंधी बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसे दावे नहीं होने चाहिए। यह सब ईश्वर के हाथ में है। देश ने पिछले आठ वर्षों में जो नुकसान झेला है, उसकी भविष्यवाणी राहुल गांधी ने पहले ही की थी।"
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के महाकाल स्टैंडर्ड टाइम के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा, "सरकार को कुछ भी करने का अधिकार है, लेकिन समय बदलने का सुझाव न दें। लोगों को लाइनों में लगाना और चुनाव खत्म होते ही तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका पर बात करें।"