तरुण खन्ना ने 400 बार निभाया महादेव का किरदार, बोले- इस अनुभव ने किया मुझे बेहतर इंसान
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मुंबई, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता तरुण खन्ना ने भगवान शिव के रोल को इतनी बार निभाया है कि यह किरदार अब उनके जीवन को पूरी तरह से बदल चुका है। उन्होंने बताया कि उन्होंने चार सौ से अधिक बार महादेव का पात्र निभाया है और इस अनुभव ने उनकी ज़िंदगी में अद्भुत परिवर्तन लाया है।
इससे न केवल उनके भीतर धैर्य बढ़ा है, बल्कि उनकी छिपी विनम्रता भी वापस लौट आई है। तरुण खन्ना ने ‘कर्म फल दाता शनि’, ‘राधा कृष्ण’, ‘जय कन्हैया लाल की’, ‘देवी आदि पराशक्ति’, ‘संतोषी मां’ और ‘परम अवतार श्री कृष्ण’ जैसे कई पौराणिक धारावाहिकों में महादेव का किरदार निभाया है। इसके अलावा, उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘अखंडा 2’ और हाल ही में थिएटर नाटक ‘हमारे राम’ में भी महादेव का रोल अदा किया है।
तरुण खन्ना ने कहा, “मैंने स्टेज पर 440 से ज्यादा बार महादेव का किरदार निभाया है। इस किरदार ने मुझे एक इंसान के रूप में बदल दिया है। मेरा धैर्य बढ़ा है और जो विनम्रता कहीं खो गई थी, वह फिर से लौट आई है। हर नए शो के साथ यह अनुभव और भी बेहतर होता जा रहा है। मैं आभारी हूं कि एक अभिनेता के रूप में मैं इतने सारे लोगों के दिलों को छू पा रहा हूं।”
उन्होंने बताया कि हर वीकेंड पर नाटक ‘हमारे राम’ के शो होते हैं, कभी-कभी हफ्ते में दो बार भी। उन्होंने कहा, “शो शुरू होने के बाद तैयारी के लिए समय नहीं मिलता। मैं स्टेज पर जाने वाला पहला व्यक्ति होता हूं और पूरा शिव तांडव एक बार में करता हूं। यदि दो शो होते हैं, तो दिन में दो बार तांडव करता हूं, कभी-कभी 5-6 बार से भी अधिक।”
महादेव के किरदार निभाने में चुनौतियों के बारे में बात करते हुए तरुण खन्ना ने कहा कि हर बार प्रदर्शन से पहले उन्हें बहुत घबराहट होती है। “मेरी पूरी टीम जानती है कि मैं नर्वस रहता हूं। भगवान शिव की गरिमा और तेज को बिना किसी कमी के दिखाना सबसे बड़ी चुनौती है। यदि प्रदर्शन में एक छोटी सी गलती भी हो जाए, तो भगवान की छवि पर असर पड़ सकता है, जो मैं सहन नहीं कर सकता।”
उन्होंने स्टेज और टेलीविजन के बीच का अंतर भी बताया। तरुण खन्ना के अनुसार, टीवी पर 12 घंटे की शिफ्ट में कॉस्ट्यूम और विग पहने रहना मुश्किल होता है, जबकि स्टेज पर एक ही टेक में 2000 से ज्यादा दर्शकों के सामने प्रदर्शन करना होता है। उन्होंने कहा कि स्टेज पर प्रदर्शन करना उन्हें अधिक संतोषजनक लगता है। एक्टर ने पब्लिक इमेज पर भी चर्चा की और कहा कि अभिनेताओं की छवि हमेशा लोगों की नजर में रहती है, इसलिए उन्हें सोच-समझकर बोलना और व्यवहार करना चाहिए ताकि कोई गलत मिसाल न बन जाए।