तेलंगाना में फिर पुलिस कांस्टेबल की आत्महत्या, गडवाल में वेंकटेश्वरलू ने फांसी लगाई
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के जोगुलंबा गडवाल जिले में 10 अक्टूबर 2026 को एक और पुलिस कांस्टेबल की आत्महत्या से मौत हो गई। तेलंगाना स्पेशल पुलिस (TGSP) की 10वीं बटालियन में तैनात कांस्टेबल वेंकटेश्वरलू ने एर्रावल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना तेलंगाना में पुलिस बल के भीतर बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य संकट की चिंताजनक श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।
घटना का विवरण
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, वेंकटेश्वरलू ने कथित तौर पर पारिवारिक समस्याओं के कारण यह चरम कदम उठाया। वे गडवाल में TGSP की 10वीं बटालियन में कार्यरत थे और एर्रावल्ली के अपने आवास पर रहते थे। मृतक की उम्र 27 वर्ष बताई जा रही है। जांच अधिकारियों ने कहा कि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत छानबीन जारी है।
पिछले कुछ महीनों में घटनाओं की श्रृंखला
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना पुलिस बल लगातार ऐसी घटनाओं से जूझ रहा है। पिछले महीने हैदराबाद के अंबरपेट पुलिस मुख्यालय में राइटर के पद पर तैनात 35 वर्षीय कांस्टेबल एम. चंद्रशेखर ने कथित तौर पर आधी रात एक महिला को वीडियो कॉल कर अपने इरादे की सूचना दी। महिला ने तुरंत पुलिस को सतर्क किया, लेकिन जब तक टीम पहुंची, चंद्रशेखर फांसी लगा चुके थे।
अगस्त में हैदराबाद के एलबी नगर एसीपी कार्यालय में ई-कॉप्स डेस्क पर कार्यरत 25 वर्षीय कांस्टेबल जे. साई कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम दो पत्र छोड़े थे, जिनमें अपनी मौजूदा पोस्टिंग से असंतोष और एलबी नगर थाने में पुनर्नियुक्ति की इच्छा व्यक्त की गई थी।
जुलाई में तेलंगाना पुलिस मुख्यालय में नलगोंडा जिले के रहने वाले 40 वर्षीय हेड कांस्टेबल स्वामी ने डीजीपी कार्यालय में अपनी सर्विस गन से कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी।
डीजीपी की अपील और विभागीय प्रतिक्रिया
इन घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) सी.वी. आनंद ने 10 सितंबर को 'विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस' के अवसर पर राज्य के 93,000 पुलिसकर्मियों से विशेष अपील की थी। उन्होंने कर्मियों से आर्थिक या व्यक्तिगत संकट में आत्महत्या का मार्ग न अपनाने का आग्रह किया और शराब, नशीली दवाओं तथा गांजे से दूर रहने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि डीजीपी की यह अपील आने के एक महीने से भी कम समय में यह नई घटना सामने आई है।
व्यापक संदर्भ और चिंताएँ
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस बल में आत्महत्या की घटनाएँ अक्सर अत्यधिक काम के बोझ, पोस्टिंग संबंधी असंतोष, पारिवारिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी से जुड़ी होती हैं। तेलंगाना में जुलाई से अक्टूबर के बीच कम से कम चार ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं, जो पुलिस बल में संस्थागत सुधार और मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। जांच अभी जारी है और वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मृतक के परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी।