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तेलंगाना में फिर पुलिस कांस्टेबल की आत्महत्या, गडवाल में वेंकटेश्वरलू ने फांसी लगाई

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तेलंगाना में फिर पुलिस कांस्टेबल की आत्महत्या, गडवाल में वेंकटेश्वरलू ने फांसी लगाई

सारांश

तेलंगाना के गडवाल जिले में TGSP कांस्टेबल वेंकटेश्वरलू की आत्महत्या से पुलिस बल में मानसिक स्वास्थ्य संकट एक बार फिर उजागर हुआ है। जुलाई से अक्टूबर के बीच यह राज्य में चौथी ऐसी घटना है — और DGP की 93,000 कर्मियों से अपील के एक महीने के भीतर।

मुख्य बातें

TGSP कांस्टेबल वेंकटेश्वरलू (27 वर्ष) ने जोगुलंबा गडवाल जिले के एर्रावल्ली स्थित आवास पर कथित तौर पर फांसी लगाई।
प्रारंभिक जांच के अनुसार आत्महत्या का कारण पारिवारिक समस्याएँ बताई जा रही हैं; विस्तृत जांच जारी है।
जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच तेलंगाना में कम से कम 4 पुलिसकर्मी आत्महत्या कर चुके हैं।
आनंद ने 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर 93,000 पुलिसकर्मियों से विशेष अपील की थी।
पिछले मामलों में अंबरपेट के एम.
चंद्रशेखर (35 वर्ष) , एलबी नगर के जे.
साई कुमार (25 वर्ष) और नलगोंडा के हेड कांस्टेबल स्वामी (40 वर्ष) शामिल हैं।

तेलंगाना के जोगुलंबा गडवाल जिले में 10 अक्टूबर 2026 को एक और पुलिस कांस्टेबल की आत्महत्या से मौत हो गई। तेलंगाना स्पेशल पुलिस (TGSP) की 10वीं बटालियन में तैनात कांस्टेबल वेंकटेश्वरलू ने एर्रावल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना तेलंगाना में पुलिस बल के भीतर बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य संकट की चिंताजनक श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।

घटना का विवरण

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, वेंकटेश्वरलू ने कथित तौर पर पारिवारिक समस्याओं के कारण यह चरम कदम उठाया। वे गडवाल में TGSP की 10वीं बटालियन में कार्यरत थे और एर्रावल्ली के अपने आवास पर रहते थे। मृतक की उम्र 27 वर्ष बताई जा रही है। जांच अधिकारियों ने कहा कि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत छानबीन जारी है।

पिछले कुछ महीनों में घटनाओं की श्रृंखला

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना पुलिस बल लगातार ऐसी घटनाओं से जूझ रहा है। पिछले महीने हैदराबाद के अंबरपेट पुलिस मुख्यालय में राइटर के पद पर तैनात 35 वर्षीय कांस्टेबल एम. चंद्रशेखर ने कथित तौर पर आधी रात एक महिला को वीडियो कॉल कर अपने इरादे की सूचना दी। महिला ने तुरंत पुलिस को सतर्क किया, लेकिन जब तक टीम पहुंची, चंद्रशेखर फांसी लगा चुके थे।

अगस्त में हैदराबाद के एलबी नगर एसीपी कार्यालय में ई-कॉप्स डेस्क पर कार्यरत 25 वर्षीय कांस्टेबल जे. साई कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम दो पत्र छोड़े थे, जिनमें अपनी मौजूदा पोस्टिंग से असंतोष और एलबी नगर थाने में पुनर्नियुक्ति की इच्छा व्यक्त की गई थी।

जुलाई में तेलंगाना पुलिस मुख्यालय में नलगोंडा जिले के रहने वाले 40 वर्षीय हेड कांस्टेबल स्वामी ने डीजीपी कार्यालय में अपनी सर्विस गन से कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी।

डीजीपी की अपील और विभागीय प्रतिक्रिया

इन घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) सी.वी. आनंद ने 10 सितंबर को 'विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस' के अवसर पर राज्य के 93,000 पुलिसकर्मियों से विशेष अपील की थी। उन्होंने कर्मियों से आर्थिक या व्यक्तिगत संकट में आत्महत्या का मार्ग न अपनाने का आग्रह किया और शराब, नशीली दवाओं तथा गांजे से दूर रहने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि डीजीपी की यह अपील आने के एक महीने से भी कम समय में यह नई घटना सामने आई है।

व्यापक संदर्भ और चिंताएँ

विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस बल में आत्महत्या की घटनाएँ अक्सर अत्यधिक काम के बोझ, पोस्टिंग संबंधी असंतोष, पारिवारिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी से जुड़ी होती हैं। तेलंगाना में जुलाई से अक्टूबर के बीच कम से कम चार ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं, जो पुलिस बल में संस्थागत सुधार और मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। जांच अभी जारी है और वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मृतक के परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तेलंगाना पुलिस में संस्थागत स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य ढाँचे की विफलता का संकेत है। अपील और जागरूकता अभियान ज़रूरी हैं, लेकिन पर्याप्त नहीं — बिना बाध्यकारी काउंसलिंग, पोस्टिंग-समीक्षा तंत्र और गुमनाम सहायता प्रणाली के ये आँकड़े नहीं बदलेंगे। जब हर नई घटना के बाद केवल जांच की घोषणा होती है और कोई नीतिगत बदलाव सामने नहीं आता, तो यह सवाल उठना लाज़मी है कि राज्य सरकार इसे प्रशासनिक आपात स्थिति क्यों नहीं मान रही।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना के गडवाल में पुलिस कांस्टेबल ने आत्महत्या क्यों की?
प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, TGSP कांस्टेबल वेंकटेश्वरलू ने कथित तौर पर पारिवारिक समस्याओं के कारण यह कदम उठाया। सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच अभी जारी है।
तेलंगाना में पुलिसकर्मियों की आत्महत्या के कितने मामले सामने आए हैं?
जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच तेलंगाना में कम से कम चार पुलिसकर्मी आत्महत्या कर चुके हैं — जुलाई में DGP कार्यालय में हेड कांस्टेबल स्वामी, अगस्त में एलबी नगर के जे. साई कुमार, सितंबर में अंबरपेट के एम. चंद्रशेखर और अब गडवाल में वेंकटेश्वरलू। यह श्रृंखला राज्य के पुलिस बल में गहरे मानसिक स्वास्थ्य संकट को दर्शाती है।
DGP सी.वी. आनंद ने पुलिसकर्मियों से क्या अपील की थी?
DGP सी.वी. आनंद ने 10 सितंबर को 'विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस' पर राज्य के 93,000 पुलिसकर्मियों से अपील की थी कि वे आर्थिक या व्यक्तिगत संकट में आत्महत्या का सहारा न लें। उन्होंने शराब, नशीली दवाओं और गांजे से दूर रहने की चेतावनी भी दी थी।
TGSP की 10वीं बटालियन क्या है?
तेलंगाना स्पेशल पुलिस (TGSP) राज्य का एक विशेष सशस्त्र पुलिस बल है जो कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा कार्यों में तैनात रहता है। मृतक कांस्टेबल वेंकटेश्वरलू गडवाल में इस बल की 10वीं बटालियन में सेवारत थे।
पुलिसकर्मियों की आत्महत्या रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
अभी तक की जानकारी के अनुसार, विभाग ने जागरूकता अपील और जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए बाध्यकारी मनोवैज्ञानिक परामर्श, गुमनाम सहायता हेल्पलाइन और पोस्टिंग-समीक्षा तंत्र जैसे संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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