कटिहार में NH-31 पर स्कॉर्पियो-ऑटो टक्कर: 10 घायल, 5 की हालत गंभीर; पुलिस जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के कटिहार जिले में 25 जून 2026 को नेशनल हाईवे-31 पर जुराबगंज के समीप एक भीषण सड़क दुर्घटना में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बनी हुई है। कोढ़ा थाना क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और एक ऑटोरिक्शा के बीच आमने-सामने की टक्कर हुई, जिससे ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
दुर्घटना का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय निवासी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और क्षतिग्रस्त ऑटो में फँसे यात्रियों को बाहर निकालने में सहायता की।
सभी 10 घायलों को तुरंत कोढ़ा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) पहुँचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया के अस्पतालों में रेफर कर दिया।
घायलों की पहचान
घायलों में छोटी कुमारी (22), आरती कुमारी (30), आशुतोष सिन्हा (55), ऋचा प्रिया (7), पार्वती देवी (32), काजल कुमारी (21), मो. चांद (38), अजय कुमार, सिंटू कुमार महतो (16) और पिंटू कुमार महतो (17) शामिल हैं। इनमें एक 7 वर्षीय बच्ची भी है।
कोढ़ा सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. गिरीश चंद्र के अनुसार, सभी 10 घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 5 की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही कोढ़ा पुलिस स्टेशन की टीमें घटनास्थल पर पहुँचीं और बचाव कार्य के साथ-साथ यातायात प्रबंधन शुरू किया। हाईवे से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
पुलिस ने स्कॉर्पियो और ऑटो दोनों को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जाँच में कथित तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना इस हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है, हालाँकि अधिकारी सटीक कारणों की जाँच कर रहे हैं।
परिवारों में पसरा मातम
दुर्घटना की खबर फैलते ही आसपास के कई गाँवों में शोक और बेचैनी का माहौल बन गया। घायलों के परिजन पूर्णिया के अस्पतालों में जमा हो गए हैं, जहाँ चिकित्सकों की टीमें उपचार में जुटी हैं।
दुर्घटना-संभावित क्षेत्र पर स्थानीयों का आक्रोश
यह ऐसे समय में आया है जब स्थानीय निवासी NH-31 के जुराबगंज वाले हिस्से को पहले से ही दुर्घटना-संभावित क्षेत्र मानते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के वर्षों में इस खंड पर कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, और प्रशासन से इस मार्ग पर विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की माँग की जा रही है। गौरतलब है कि बिहार के राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाएँ एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। अधिकारी गंभीर रूप से घायल मरीजों की स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और जाँच आगे बढ़ रही है।