क्या ईआरओ ने तेजस्वी के मतदाता सूची में 'नाम नहीं होने' के दावे का जवाब दिया? ईपिक नंबर जारी?

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क्या ईआरओ ने तेजस्वी के मतदाता सूची में 'नाम नहीं होने' के दावे का जवाब दिया? ईपिक नंबर जारी?

सारांश

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची से अपने नाम के गायब होने का दावा किया। ईआरओ ने इस पर जवाब दिया कि उनका नाम स्थायी मतदाता सूची में दर्ज है। क्या यह विवाद चुनावी रणनीति का हिस्सा है? जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव का मतदाता सूची में नाम होना आवश्यक है।
ईआरओ ने तेजस्वी के नाम का पुष्टि किया है।
मतदाता सूची में पारदर्शिता का होना अनिवार्य है।

पटना, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह आरोप लगाया कि उनके नाम का अभाव विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से हो गया है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) ने तेजस्वी के दावे पर रविवार को अपनी प्रतिक्रिया दी और ईपिक नंबर भी जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी का नाम 181-दीघा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 204 की मतदाता सूची में क्रम संख्या 416 पर अंकित है।

ईआरओ (पटना सदर) ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र जारी किया।

तेजस्वी के दावे का जवाब देते हुए पत्र में कहा गया है कि हमें यह सूचित करना है कि 2 अगस्त 2025 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आपने (तेजस्वी यादव) का नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं होने की बात बताई थी। जांच में यह पाया गया कि उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 204 (बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन) के क्रम संख्या 416 पर दर्ज है, जिसका ईपिक नंबर आरएबी0456228 है।

इसके आगे कहा गया कि तेजस्वी का अनुसार उनका ईपिक संख्या आरएबी2916120 प्रारंभिक जांच के अनुसार आधिकारिक रूप से निर्गत नहीं प्रतीत होता है।

कार्यालय ने तेजस्वी से निवेदन किया है कि वे ईपिक कार्ड की मूल प्रति सहित विवरण उपलब्ध कराएं, ताकि इसकी गहन जांच की जा सके। यह पत्र ईआरओ, 181-दीघा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर द्वारा जारी किया गया है।

वर्तमान में तेजस्वी यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

गौरतलब है कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उनके वोटर लिस्ट से नाम गायब है, और सवाल उठाया कि वे चुनाव कैसे लड़ेंगे?

हालांकि, तेजस्वी यादव के इस दावे के बाद पटना जिला प्रशासन ने मतदाता सूची का वह प्रारूप जारी किया था, जिसमें तेजस्वी की फोटो के साथ उनका नाम, उम्र, पिता का नाम, और मकान संख्या दर्ज है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बहुत महत्वपूर्ण है। तेजस्वी यादव का दावा और ईआरओ का जवाब इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे चुनावी राजनीति में सूचनाओं का आदान-प्रदान होना चाहिए। यह आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दल सही जानकारी के आधार पर चुनाव में भाग लें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने क्या दावा किया है?
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से गायब है।
ईआरओ ने तेजस्वी के दावे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ईआरओ ने कहा कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में मौजूद है, और उन्होंने ईपिक नंबर भी जारी किया।
राष्ट्र प्रेस
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