1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या: उद्धव ठाकरे परिवार से मिले, आदित्य ने सरकार को घेरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या: उद्धव ठाकरे परिवार से मिले, आदित्य ने सरकार को घेरा

सारांश

ठाणे के मनोरमा नगर में शिवसेना (यूबीटी) जिला प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर को उनके दफ़्तर में दिनदहाड़े गोली मार दी गई। उद्धव ठाकरे परिवार से मिले; आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर सीधा निशाना साधा। एक गिरफ्तार, चार फरार — और महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में।

मुख्य बातें

प्रदीप पूर्णेकर , शिवसेना (यूबीटी) के ठाणे जिला प्रमुख , की 1 अक्टूबर 2026 को मनोरमा नगर, ठाणे स्थित उनके कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पाँच हमलावरों ने सात राउंड फायरिंग और धारदार हथियारों से हमला किया; एक आरोपी पाप्या शिंदे गिरफ्तार, चार अन्य फरार।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वरिष्ठ नेताओं के साथ पूर्णेकर के परिवार से मिले।
विधायक आदित्य ठाकरे ने एक्स पर पोस्ट कर महाराष्ट्र सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया।
आदित्य ठाकरे ने हत्या के दोषियों और उनके पीछे मौजूद लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की।

शिवसेना (यूबीटी) के ठाणे जिला प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की 1 अक्टूबर 2026 को ठाणे के मनोरमा नगर स्थित उनके कार्यालय में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पाँच हमलावरों ने पूर्णेकर के कार्यालय में घुसकर उन पर हमला किया। हमलावरों ने सात राउंड फायरिंग की और धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूर्णेकर के परिचित पाप्या शिंदे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

यह घटना दिन-दहाड़े एक राजनीतिक कार्यकर्ता के दफ़्तर में अंजाम दी गई, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल के महीनों में संगठित आपराधिक गतिविधियों को लेकर चिंताएँ पहले से व्यक्त की जा रही थीं।

उद्धव ठाकरे का परिवार से मिलना

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे घटना के बाद पूर्णेकर के परिवार से मिलने पहुँचे और उन्हें सांत्वना दी। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिनमें सांसद अरविंद सावंत, सांसद विनायक राउत, विधायक एवं अधिवक्ता अनिल परब, राजन विचारे, विधायक मिलिंद नार्वेकर और ठाणे जिला प्रमुख केदार दिघे शामिल थे।

यह एकजुटता का प्रदर्शन महज़ औपचारिकता नहीं था — पार्टी ने इसे महाराष्ट्र सरकार पर सीधा राजनीतिक दबाव बनाने के अवसर के रूप में भी इस्तेमाल किया।

आदित्य ठाकरे की तीखी प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस हत्या को 'बेहद आक्रोशित करने वाला और निंदनीय' बताया। उन्होंने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसी घटनाएँ बार-बार यह साबित कर रही हैं कि 'राज्य में कानून-व्यवस्था की नींव कमज़ोर हो चुकी है और आम लोगों के लिए सुरक्षित रहना मुश्किल होता जा रहा है।'

आदित्य ने यह भी आरोप लगाया कि अगर राजनीतिक दलों की ओर से ऐसा माहौल बनाया जाता है जिसमें आपराधिक तत्वों को संरक्षण मिलता है, तो पुलिस के लिए अपना काम करना कठिन हो जाता है। उन्होंने हत्या के दोषियों और उनके पीछे मौजूद लोगों को तत्काल गिरफ्तार करने की माँग की।

कानून व्यवस्था पर राजनीतिक बहस

यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। शिवसेना (यूबीटी) ने इस घटना को राज्य सरकार की विफलता का प्रमाण बताया है। आलोचकों का कहना है कि एक वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी के दफ़्तर में दिनदहाड़े इस तरह का हमला पुलिस खुफिया तंत्र और प्रतिक्रिया में गंभीर खामियों का संकेत देता है।

क्या होगा आगे

पुलिस के अनुसार, फरार चार संदिग्धों की तलाश जारी है और मामले की जाँच आगे बढ़ाई जा रही है। राजनीतिक दबाव को देखते हुए राज्य सरकार पर जल्द कार्रवाई करने की माँग बढ़ती जा रही है। उद्धव ठाकरे और उनके नेताओं का पूर्णेकर परिवार से मिलना यह संकेत देता है कि शिवसेना (यूबीटी) इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और तेज़ी से उठाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक संरक्षण और पुलिस खुफिया तंत्र की विफलता का सवाल है। महाराष्ट्र में यह पहली बार नहीं है कि किसी दलीय कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया हो, लेकिन संगठित तरीके से पाँच हमलावरों का दफ़्तर तक पहुँचना और सात गोलियाँ चलाना बताता है कि हमले की पूर्व योजना थी। आदित्य ठाकरे का 'राजनीतिक संरक्षण' वाला आरोप गंभीर है, लेकिन इसे साक्ष्य की कसौटी पर परखना ज़रूरी है। जाँच की दिशा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से ही स्पष्ट होगा कि यह केवल निजी दुश्मनी थी या कुछ और।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप पूर्णेकर कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
प्रदीप पूर्णेकर शिवसेना (यूबीटी) के ठाणे जिला प्रमुख थे। 1 अक्टूबर 2026 को ठाणे के मनोरमा नगर स्थित उनके कार्यालय में पाँच हमलावरों ने घुसकर उन पर सात राउंड फायरिंग की और धारदार हथियारों से भी हमला किया। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस हत्याकांड में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूर्णेकर के परिचित पाप्या शिंदे को अब तक गिरफ्तार किया गया है। शेष चार संदिग्धों की तलाश जारी है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
उद्धव ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने इस घटना पर क्या किया?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ पूर्णेकर के परिवार से मिलने पहुँचे और सांत्वना दी। उनके साथ सांसद अरविंद सावंत, विनायक राउत, विधायक अनिल परब, राजन विचारे, मिलिंद नार्वेकर और जिला प्रमुख केदार दिघे सहित अन्य नेता भी मौजूद थे।
आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
विधायक आदित्य ठाकरे ने एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ बार-बार यह साबित करती हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था की नींव कमज़ोर हो चुकी है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों द्वारा आपराधिक तत्वों को संरक्षण दिए जाने से पुलिस का काम मुश्किल हो जाता है।
इस हत्या का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह हत्या महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से जारी तनाव को और तेज़ कर सकती है। शिवसेना (यूबीटी) इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और मुखर तरीके से उठाने की तैयारी में है, और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर राज्य सरकार का राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले