ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या: उद्धव ठाकरे परिवार से मिले, आदित्य ने सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के ठाणे जिला प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की 1 अक्टूबर 2026 को ठाणे के मनोरमा नगर स्थित उनके कार्यालय में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पाँच हमलावरों ने पूर्णेकर के कार्यालय में घुसकर उन पर हमला किया। हमलावरों ने सात राउंड फायरिंग की और धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूर्णेकर के परिचित पाप्या शिंदे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना दिन-दहाड़े एक राजनीतिक कार्यकर्ता के दफ़्तर में अंजाम दी गई, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल के महीनों में संगठित आपराधिक गतिविधियों को लेकर चिंताएँ पहले से व्यक्त की जा रही थीं।
उद्धव ठाकरे का परिवार से मिलना
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे घटना के बाद पूर्णेकर के परिवार से मिलने पहुँचे और उन्हें सांत्वना दी। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिनमें सांसद अरविंद सावंत, सांसद विनायक राउत, विधायक एवं अधिवक्ता अनिल परब, राजन विचारे, विधायक मिलिंद नार्वेकर और ठाणे जिला प्रमुख केदार दिघे शामिल थे।
यह एकजुटता का प्रदर्शन महज़ औपचारिकता नहीं था — पार्टी ने इसे महाराष्ट्र सरकार पर सीधा राजनीतिक दबाव बनाने के अवसर के रूप में भी इस्तेमाल किया।
आदित्य ठाकरे की तीखी प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस हत्या को 'बेहद आक्रोशित करने वाला और निंदनीय' बताया। उन्होंने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसी घटनाएँ बार-बार यह साबित कर रही हैं कि 'राज्य में कानून-व्यवस्था की नींव कमज़ोर हो चुकी है और आम लोगों के लिए सुरक्षित रहना मुश्किल होता जा रहा है।'
आदित्य ने यह भी आरोप लगाया कि अगर राजनीतिक दलों की ओर से ऐसा माहौल बनाया जाता है जिसमें आपराधिक तत्वों को संरक्षण मिलता है, तो पुलिस के लिए अपना काम करना कठिन हो जाता है। उन्होंने हत्या के दोषियों और उनके पीछे मौजूद लोगों को तत्काल गिरफ्तार करने की माँग की।
कानून व्यवस्था पर राजनीतिक बहस
यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। शिवसेना (यूबीटी) ने इस घटना को राज्य सरकार की विफलता का प्रमाण बताया है। आलोचकों का कहना है कि एक वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी के दफ़्तर में दिनदहाड़े इस तरह का हमला पुलिस खुफिया तंत्र और प्रतिक्रिया में गंभीर खामियों का संकेत देता है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, फरार चार संदिग्धों की तलाश जारी है और मामले की जाँच आगे बढ़ाई जा रही है। राजनीतिक दबाव को देखते हुए राज्य सरकार पर जल्द कार्रवाई करने की माँग बढ़ती जा रही है। उद्धव ठाकरे और उनके नेताओं का पूर्णेकर परिवार से मिलना यह संकेत देता है कि शिवसेना (यूबीटी) इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और तेज़ी से उठाएगी।