शाइना एनसी का संजय राउत पर पलटवार: 'दिशा सालियान केस में उद्धव-आदित्य ठाकरे गिरफ्तार होंगे क्या?'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने 3 अक्टूबर को शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यदि केवल नाम आने पर गिरफ्तारी की माँग उचित है, तो दिशा सालियान केस में नाम जुड़े होने के आधार पर उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह विवाद मुंबई की राजनीतिक बिसात पर उस समय उभरा जब राउत ने ठाणे पार्टी नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में शिंदे गुट की नेता मीनाक्षी शिंदे की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की थी।
विवाद की पृष्ठभूमि
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि ठाणे के पार्टी नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या एक 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' थी। राउत के अनुसार, इस हत्या की साजिश नीलकंठ टावर स्थित मीनाक्षी शिंदे के आवास पर रची गई थी। राउत ने मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे — जो ठाणे की पूर्व मेयर हैं — को तत्काल गिरफ्तार करने की माँग की थी।
गौरतलब है कि यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच जारी तीखी नोकझोंक की कड़ी में आया है, जो 2022 की पार्टी विभाजन के बाद से लगातार जारी है।
शाइना एनसी का पलटवार
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने राउत के तर्क को उन्हीं पर पलटते हुए कहा, 'संजय राउत का नया लॉजिक है और ये लॉजिक उनके लिए उल्टा पड़ेगा। वे कहते हैं कि नाम आया तो मीनाक्षी शिंदे को अरेस्ट कीजिए। चलो मान लिया, तो दिशा सालियान केस में उनके नेता का नाम शामिल है, तो क्या उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे गिरफ्तार होंगे?'
तंज भरे लहजे में उन्होंने यह भी कहा, 'सच्चाई के आधार पर देखें तो हर दिन संजय राउत का नाम आता है, कहीं न कहीं तो उनको हमेशा जेल में बैठना चाहिए।' उल्लेखनीय है कि ये आरोप राजनीतिक हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मीनाक्षी शिंदे का बचाव और अन्य आरोप
शाइना एनसी ने स्पष्ट किया कि शिवसेना मीनाक्षी शिंदे के साथ पूरी तरह खड़ी है क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने कहा, 'और जो स्टेटमेंट हमने दिया है, इससे हम डरने वाले नहीं हैं। क्योंकि मीनाक्षी शिंदे ने कोई गलत काम नहीं किया है।'
शाइना एनसी ने इस अवसर पर शिवसेना (यूबीटी) पर मीठी रिवर क्लीनिंग मामले और कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि संजय राउत रोज़ाना नए आरोप लगाते हैं, परंतु उनके बयानों में तथ्यात्मक आधार नहीं होता।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड अभी जाँच के दायरे में है और पुलिस ने अभी तक किसी औपचारिक आरोप की पुष्टि नहीं की है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग पकड़ सकता है।