11 अक्टूबर 2026
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तुषार गांधी की हिरासत पर शिवसेना (यूबीटी) का हंगामा, आदित्य ठाकरे बोले — रिहाई तक थाना नहीं छोड़ेंगे

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तुषार गांधी की हिरासत पर शिवसेना (यूबीटी) का हंगामा, आदित्य ठाकरे बोले — रिहाई तक थाना नहीं छोड़ेंगे

सारांश

महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी की मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत थाने पर डटे हैं। यह घटना मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर देशभर में उठ रहे विपक्षी आंदोलन की व्यापक पृष्ठभूमि में हुई है।

मुख्य बातें

मुंबई पुलिस ने 10 अक्टूबर को महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को अगस्त क्रांति मैदान जाते समय हिरासत में लिया।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत डीएन नगर पुलिस स्टेशन पहुँचे और रिहाई तक न हटने की चेतावनी दी।
संजय राउत ने एक्स पर आरोप लगाया कि पुलिस तुषार गांधी को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई।
यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी उसी दिन गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया — वह सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली आए थे।
सीजेपी के प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिली थी; दिल्ली में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए।
इंडिया ब्लॉक SIR पर तत्काल रोक और बैलेट पेपर से चुनाव की माँग कर रहा है।

मुंबई पुलिस ने 10 अक्टूबर को महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को उस समय हिरासत में लिया, जब वह अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे थे। इस घटना के तुरंत बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता डीएन नगर पुलिस स्टेशन पहुँच गए और तुषार गांधी की तत्काल रिहाई की माँग की।

थाने पर जमावड़ा और आदित्य ठाकरे की चेतावनी

आदित्य ठाकरे ने पुलिस स्टेशन के बाहर स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक तुषार गांधी को रिहा नहीं किया जाता, शिवसेना (यूबीटी) का कोई भी नेता थाने से नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पूरे मुंबई से शिव सैनिक पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्रित होंगे। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि थाने के बाहर शिव सैनिकों की भीड़ जमा हो गई और वे रिहाई की माँग कर रहे थे।

संजय राउत का एक्स पर आरोप — 'अज्ञात स्थान पर ले गई पुलिस'

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि तुषार गांधी को डीएन नगर पुलिस स्टेशन में रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे और आदित्य ठाकरे उनसे मिलने पहुँचे तो पुलिस उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। राउत ने सवाल उठाया — 'इतनी गोपनीयता क्यों?' — और माँग की कि तुषार गांधी को तत्काल पेश किया जाए।

व्यापक संदर्भ — सीजेपी का प्रदर्शन और ध्रुव राठी की हिरासत

तुषार गांधी की हिरासत उस दिन हुई जब सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) ने जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, फिर भी सीजेपी तैयारियों में जुटी थी, जिसके मद्देनज़र दिल्ली में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए। इसी क्रम में यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार सुबह गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया — वह दिल्ली में इसी प्रदर्शन में शामिल होने आए थे।

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तत्काल रोक लगाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग को लेकर लगातार विरोध जता रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और व्यापक असर

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्षी दलों का आक्रोश पहले से ही उफान पर था। तुषार गांधी और ध्रुव राठी जैसे著名 नागरिकों की हिरासत ने इस विवाद को और तीखा कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) का थाने के बाहर धरना इस बात का संकेत है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से केंद्र में रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।

आगे क्या

तुषार गांधी की हिरासत और उनके कथित तौर पर अज्ञात स्थान पर ले जाए जाने की खबर ने विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम किया है। शिवसेना (यूबीटी) नेताओं के थाने पर डटे रहने के ऐलान के बाद यह देखना अहम होगा कि पुलिस किस आधार पर हिरासत की पुष्टि करती है और तुषार गांधी को कब और किन शर्तों पर रिहा किया जाता है। यह घटना आगामी दिनों में चुनाव आयोग और सरकार के विरुद्ध विपक्षी आंदोलन की दिशा तय कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो प्रतिष्ठित नागरिकों को उनके घरों और रास्तों से उठाना क्या संदेश देता है। संजय राउत का 'अज्ञात स्थान' वाला आरोप — चाहे सिद्ध हो या न हो — विपक्ष को एक तैयार आख्यान देता है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सत्यापित किए बिना ही आगे बढ़ा देती है। असली परीक्षा यह है कि पुलिस हिरासत का क़ानूनी आधार क्या था — और क्या वह सार्वजनिक रूप से सामने आएगा।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने क्यों हिरासत में लिया?
तुषार गांधी को 10 अक्टूबर को उस समय हिरासत में लिया गया जब वह अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे थे। यह कदम उस दिन उठाया गया जब सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसकी अनुमति नहीं दी गई थी।
आदित्य ठाकरे और संजय राउत थाने क्यों पहुँचे?
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत तुषार गांधी की रिहाई की माँग लेकर डीएन नगर पुलिस स्टेशन पहुँचे। आदित्य ठाकरे ने ऐलान किया कि जब तक तुषार गांधी को रिहा नहीं किया जाता, वे और उनके समर्थक थाने से नहीं हटेंगे।
संजय राउत ने एक्स पर क्या आरोप लगाया?
संजय राउत ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि जब वे और आदित्य ठाकरे डीएन नगर पुलिस स्टेशन पहुँचे, तो पुलिस तुषार गांधी को किसी अज्ञात स्थान पर ले जा चुकी थी। उन्होंने इस गोपनीयता पर सवाल उठाते हुए तुषार गांधी को तत्काल पेश करने की माँग की।
ध्रुव राठी को किस कारण हिरासत में लिया गया?
यूट्यूबर ध्रुव राठी को 10 अक्टूबर की सुबह गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर सीजेपी द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली आए थे।
इंडिया ब्लॉक इस विवाद में क्या माँग कर रहा है?
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तत्काल रोक लगाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग कर रहा है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर भी लगातार विरोध जता रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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