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ठाणे में शिवसेना-यूबीटी नेता प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या, बिल्डर विरोधी आंदोलन से पहले हमला

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ठाणे में शिवसेना-यूबीटी नेता प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या, बिल्डर विरोधी आंदोलन से पहले हमला

सारांश

ठाणे के मनोरमानगर में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर को बदमाशों ने गोली मारकर और धारदार हथियार से घायल कर हत्या कर दी। हत्या से ऐन पहले वे एक स्थानीय बिल्डर के विरुद्ध आंदोलन की तैयारी में थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों की तलाश में जुटी है।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) के मानपाड़ा विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की 30 सितंबर 2026 की रात ठाणे में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हमला मनोरमानगर इलाके में उनके कार्यालय के निकट हुआ; हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
पूर्णेकर ने हत्या से पहले एक स्थानीय बिल्डर की कथित मनमानी के विरोध में आंदोलन की घोषणा की थी और कापूरबावड़ी पुलिस थाने से अनुमति माँगी थी।
अस्पताल ले जाते समय एक अन्य हमलावर ने धारदार हथियार से भी उन पर हमला किया, जिसके बाद अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है; हत्या के पीछे बिल्डर विवाद की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) के मानपाड़ा विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की 30 सितंबर 2026 की रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमला उनके कार्यालय के निकट मनोरमानगर इलाके में हुआ, जहाँ बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। उल्लेखनीय है कि पूर्णेकर ने हाल ही में एक स्थानीय बिल्डर की कथित मनमानी के विरोध में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की थी और इसके लिए पुलिस से अनुमति तक माँग ली थी।

हमले का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जाँच के अनुसार, प्रदीप पूर्णेकर उस समय हेलमेट और मास्क पहने हुए थे, फिर भी हमलावर उन्हें पहचानने में सफल रहे और उन पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं। दो गोलियाँ सीधे पूर्णेकर को लगीं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया।

घटना यहीं नहीं रुकी — जानकारी के अनुसार, गोलीबारी में घायल पूर्णेकर को जब अस्पताल ले जाया जा रहा था, उसी दौरान एक अन्य व्यक्ति ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी चोटें और गंभीर हो गईं। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बिल्डर विवाद और आंदोलन का संदर्भ

हत्या से कुछ दिन पहले पूर्णेकर ने एक स्थानीय बिल्डर की कथित मनमानी के खिलाफ सड़क पर उतरने की तैयारी कर ली थी। उन्होंने इस प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए कापूरबावड़ी पुलिस थाने में अनुमति के लिए आवेदन भी दिया था। आंदोलन की घोषणा और हत्या के समय की निकटता ने इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमलों की घटनाएँ चिंता का विषय बन रही हैं। गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय नेता अक्सर बिल्डर-भूमि विवादों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, जिसके चलते ऐसे संघर्ष सामने आते रहे हैं।

पुलिस जाँच की स्थिति

घटना के बाद ठाणे पुलिस ने इलाके में जाँच तेज कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान, उनकी संख्या, इस्तेमाल किए गए हथियारों की प्रकृति और वारदात के बाद उनके भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे बिल्डर विवाद या प्रस्तावित आंदोलन का हाथ है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जाँच विभिन्न पहलुओं से जारी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की राह

एक निर्वाचित दल के सक्रिय विभाग प्रमुख की इस तरह खुलेआम हत्या ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। पुलिस पर दबाव है कि वह हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और इस हत्या के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करे। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और गिरफ्तारियाँ इस मामले की परतें उजागर कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या उनकी सुरक्षा को लेकर कोई मूल्यांकन हुआ? हत्या का तरीका — पहले गोली, फिर धारदार हथियार — पूर्वनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है, जो इसे रोज़मर्रा के अपराध से अलग करता है। जब तक पुलिस हमलावरों को पकड़कर उनके पीछे का नेटवर्क उजागर नहीं करती, तब तक यह मामला राज्य में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गहरे प्रश्नचिह्न लगाता रहेगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप पूर्णेकर कौन थे और उनकी हत्या कहाँ हुई?
प्रदीप पूर्णेकर महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) के मानपाड़ा विभाग प्रमुख थे। उनकी हत्या 30 सितंबर 2026 की रात मनोरमानगर इलाके में उनके कार्यालय के निकट हुई।
पूर्णेकर की हत्या कैसे हुई?
अज्ञात हमलावरों ने पूर्णेकर पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाईं, जिनमें से दो उन्हें लगीं। अस्पताल ले जाते समय एक अन्य व्यक्ति ने धारदार हथियार से भी उन पर हमला किया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्या हत्या का संबंध बिल्डर विवाद से है?
पूर्णेकर एक स्थानीय बिल्डर की कथित मनमानी के विरोध में आंदोलन करने की तैयारी में थे और उन्होंने कापूरबावड़ी पुलिस थाने से अनुमति भी माँगी थी। हालाँकि पुलिस ने अभी तक इस विवाद को हत्या से आधिकारिक रूप से नहीं जोड़ा है और जाँच जारी है।
पुलिस इस मामले में क्या कदम उठा रही है?
ठाणे पुलिस ने मनोरमानगर इलाके में जाँच तेज कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमलावरों की संख्या, इस्तेमाल किए गए हथियारों और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
इस हत्या का राजनीतिक महत्व क्या है?
शिवसेना (यूबीटी) के एक सक्रिय विभाग प्रमुख की खुलेआम हत्या ने महाराष्ट्र में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना बिल्डर-भूमि विवादों में दखल देने वाले नेताओं को निशाना बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति की ओर ध्यान दिलाती है।
राष्ट्र प्रेस
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