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ठाणे में शिवसेना-यूबीटी नेता प्रदीप पुर्णेरकर की गोली मारकर हत्या, विपक्ष ने फडणवीस सरकार को घेरा

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ठाणे में शिवसेना-यूबीटी नेता प्रदीप पुर्णेरकर की गोली मारकर हत्या, विपक्ष ने फडणवीस सरकार को घेरा

सारांश

ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्णेरकर की मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। विपक्ष ने इसे सलमान खान फायरिंग और बाबा सिद्दीकी हत्या के बाद महाराष्ट्र में बढ़ती हिंसा की कड़ी बताते हुए फडणवीस सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्णेरकर की ठाणे में मंगलवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई।
दो हमलावर मोटरसाइकिल पर आए, गोली चलाई और फरार हो गए; पुलिस जाँच जारी है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा — 'अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, सरकार भी अपराधियों से डर गई है।' कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में 'पूरी तरह नाकाम' बताया।
नागपुर के बेलतारोडी इलाके में भी उसी दिन भीड़ ने एक संदिग्ध चोर को पीट-पीटकर मार डाला।
यह घटना सलमान खान के घर फायरिंग और बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद महाराष्ट्र में हाई-प्रोफाइल हिंसा की नई कड़ी है।

महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्णेरकर की मंगलवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो अज्ञात हमलावर मोटरसाइकिल पर आए, पुर्णेरकर को निशाना बनाया और फरार हो गए। इस घटना के बाद महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार पर कानून-व्यवस्था की पूर्ण विफलता का आरोप लगाया है।

हत्या का घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर रात दो हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और प्रदीप पुर्णेरकर पर गोलियाँ चलाईं। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुर्णेरकर शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय विभाग प्रमुख थे और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाते थे। यह हत्या मुंबई से सटे ठाणे ज़िले में हुई, जो महाराष्ट्र के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है।

शिवसेना-यूबीटी की तीखी प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'पिछले दिनों सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई थी और फिर बाबा सिद्दीकी की निर्मम हत्या हुई। अब शिवसेना-यूबीटी के नेता की हत्या — आखिर महाराष्ट्र में यह क्या हो रहा है? क्या अपराधियों में खौफ नहीं है? क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है?'

दुबे ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में चाहे पुणे हो, नागपुर हो, नासिक हो, मुंबई हो या अब ठाणे — अपराधी, माफिया और हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, 'अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। ऐसा लगता है कि सरकार भी अपराधियों से डर गई है।'

कांग्रेस ने फडणवीस को बताया नाकाम

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे ने भी इस हत्या के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'कानून-व्यवस्था अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के नियंत्रण में नहीं है। वे नाकाम रहे हैं और हालात उनके हाथ से निकल गए हैं।'

लोंढे ने यह भी बताया कि मंगलवार को नागपुर के बेलतारोडी इलाके में भी भीड़ ने एक संदिग्ध चोर को पीट-पीटकर मार डाला। उनके अनुसार, 'लोगों का सरकार पर भरोसा नहीं रहा और वे कानून अपने हाथ में ले रहे हैं। लूटपाट, चोरी और गोलीबारी की घटनाएँ लगातार हो रही हैं।' लोंढे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।

व्यापक संदर्भ: महाराष्ट्र में बढ़ती हिंसा

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में हाई-प्रोफाइल हिंसा की घटनाओं की एक श्रृंखला देखी जा रही है। इससे पहले सलमान खान के आवास के बाहर फायरिंग और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए थे। आलोचकों का कहना है कि इन घटनाओं का एक-के-बाद-एक आना यह दर्शाता है कि संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई अभी भी अधूरी है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है। विपक्षी दलों ने राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की चेतावनी दी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह हत्या महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को और तेज़ कर सकती है, क्योंकि विपक्ष इसे सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के खिलाफ एक बड़े मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाबा सिद्दीकी हत्या और अब एक पार्टी पदाधिकारी की हत्या — ये घटनाएँ अलग-अलग नहीं, बल्कि एक चिंताजनक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि राज्य में गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री फडणवीस के पास है — इसलिए विपक्ष की जवाबदेही की माँग सीधे उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक साख को चुनौती देती है। नागपुर में भीड़ न्याय की घटना यह बताती है कि जब संस्थाओं पर भरोसा टूटता है, तो समाज में खतरनाक शून्य पैदा होता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप पुर्णेरकर कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
प्रदीप पुर्णेरकर महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विभाग प्रमुख थे। मंगलवार देर रात दो हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और उन्हें गोली मार दी, जिसके बाद दोनों फरार हो गए।
विपक्ष ने इस हत्या पर क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और सरकार भी उनसे डर गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम बताया।
महाराष्ट्र में हाल ही में और कौन-सी बड़ी हिंसक घटनाएँ हुई हैं?
इससे पहले सलमान खान के आवास के बाहर फायरिंग और NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या हो चुकी है। उसी दिन नागपुर के बेलतारोडी इलाके में भीड़ ने एक संदिग्ध चोर को पीट-पीटकर मार डाला।
क्या इस हत्याकांड में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है। आरोपियों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस हत्या का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को राज्य विधानसभा में उठाने की चेतावनी दी है। यह घटना महायुति सरकार के खिलाफ विपक्ष को एक बड़ा राजनीतिक हथियार दे सकती है, खासकर इसलिए कि गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री फडणवीस के पास है।
राष्ट्र प्रेस
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