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राम मंदिर विवाद पर केसरकर का पलटवार: 'विपक्ष राजनीति कर रहा, इसीलिए उनके अपने छोड़ रहे साथ'

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राम मंदिर विवाद पर केसरकर का पलटवार: 'विपक्ष राजनीति कर रहा, इसीलिए उनके अपने छोड़ रहे साथ'

सारांश

शिवसेना विधायक दीपक केसरकर ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया और उद्धव ठाकरे की विचारधारा को बालासाहेब की विरासत से अलग बताया। साथ ही मुंबई में मैनहोल हादसे में जान गँवाने वाले असलम शेख के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग उठाई।

मुख्य बातें

शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने 3 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष को राजनीति करने का दोषी ठहराया।
केसरकर ने कहा कि उद्धव ठाकरे की कार्यशैली बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से मेल नहीं खाती, इसीलिए पार्टी के लोग संगठन छोड़ रहे हैं।
मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत; केसरकर ने जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
साकीनाका में भी खुले मैनहोल से एक अन्य व्यक्ति की मौत; केसरकर ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया।
महाराष्ट्र के मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे ने महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक लाने का ऐलान किया; लगभग 80% महिलाओं के नाम पर कृषि भूमि पंजीकृत नहीं।

शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने 3 जुलाई को मुंबई में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस मुद्दे को भुना रहे हैं, आपस में एकजुट नहीं हैं, और यही कारण है कि उनके अपने नेता व कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं।

उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना

केसरकर ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे जिस राजनीतिक रास्ते पर चल रहे हैं, वह दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से मेल नहीं खाता। उनके अनुसार, यही वैचारिक विरोधाभास पार्टी के भीतर बिखराव का मूल कारण बन रहा है और संगठन को अपनी दिशा पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की ज़रूरत है।

उद्धव ठाकरे की ओर से घोषित 'श्री राम महा-आरती' कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए केसरकर ने कहा कि इस आयोजन से पहले उन्हें अपने राजनीतिक सहयोगियों से वैचारिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। उन्होंने जोड़ा कि जनता इन विरोधाभासों को भलीभाँति समझती है।

मुंबई में खुले मैनहोल से मौत — प्रशासन पर उठे सवाल

मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत के बाद एक बार फिर शहर की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था कठघरे में आ गई है। केसरकर ने इस घटना को 'अत्यंत दुखद' बताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।

उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही बरतने वालों को कानून के तहत सख्त दंड मिलना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इसी तरह साकीनाका क्षेत्र में भी एक अन्य व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत पर केसरकर ने गहरी चिंता व्यक्त की और इसे प्रशासनिक विफलता का सीधा परिणाम बताया।

महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक का ऐलान

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही विधानसभा में महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक पेश करने जा रही है। इस कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी फार्मिंग और कृषि कार्य में लगी महिलाओं को किसान प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे और उन्हें किसान के रूप में अलग कानूनी पहचान दी जाएगी।

भरणे ने स्वीकार किया कि वे अभी सटीक आँकड़ा नहीं बता सकते, लेकिन उन्होंने रेखांकित किया कि देश में लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं के नाम पर कृषि भूमि पंजीकृत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी महिलाओं को इस किसान प्रमाणन पहल में शामिल किया जाएगा।

आगे क्या

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर महाराष्ट्र की राजनीति में तकरार जारी रहने के संकेत हैं। महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक विधानसभा में कब पेश होगा, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीण महिलाओं के अधिकारों पर यह कदम राज्य की कृषि नीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सत्ता पक्ष इसे अवसरवाद बता रहा है। असली सवाल यह है कि मुंबई में लगातार हो रहे मैनहोल हादसों पर राजनीतिक बयानबाज़ी तो खूब होती है, पर जवाबदेही तय करने का तंत्र कहाँ है — यह सवाल हर बरसात में उठता है और हर बार बिना जवाब के दब जाता है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक केसरकर ने राम मंदिर विवाद पर क्या कहा?
शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने कहा कि विपक्षी दल राम मंदिर चढ़ावा मामले पर केवल राजनीति कर रहे हैं और आपस में एकजुट नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसी कारण विपक्षी पार्टियों के अपने नेता और कार्यकर्ता संगठन छोड़ रहे हैं।
केसरकर ने उद्धव ठाकरे पर क्या आरोप लगाए?
केसरकर ने कहा कि उद्धव ठाकरे जिस रास्ते पर चल रहे हैं, वह बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा से मेल नहीं खाता। उनके अनुसार, यही वैचारिक विरोधाभास शिवसेना (यूबीटी) में बिखराव का कारण बन रहा है।
मुंबई मैनहोल हादसे में क्या हुआ?
मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत हो गई। इसके अलावा साकीनाका क्षेत्र में भी एक अन्य व्यक्ति की इसी तरह मौत हुई। केसरकर ने दोनों घटनाओं को प्रशासनिक विफलता बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
महाराष्ट्र का महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक क्या है?
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे के अनुसार, यह विधेयक ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी फार्मिंग और खेती में काम करने वाली महिलाओं को किसान प्रमाण-पत्र देगा और उन्हें किसान के रूप में कानूनी पहचान दिलाएगा। लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं के नाम पर कृषि भूमि पंजीकृत नहीं है, और यह विधेयक ऐसी सभी महिलाओं को इस पहल में शामिल करेगा।
'श्री राम महा-आरती' को लेकर केसरकर ने क्या कहा?
उद्धव ठाकरे द्वारा घोषित 'श्री राम महा-आरती' कार्यक्रम पर केसरकर ने कहा कि इससे पहले उन्हें अपने राजनीतिक सहयोगियों के साथ वैचारिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता इन विरोधाभासों को समझती है और इस तरह की बातों में नहीं आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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