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चेंगलपट्टू स्क्रैप यार्ड से तीन बांग्लादेशी गिरफ्तार, तमिलनाडु Q ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

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चेंगलपट्टू स्क्रैप यार्ड से तीन बांग्लादेशी गिरफ्तार, तमिलनाडु Q ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

सारांश

तमिलनाडु Q ब्रांच पुलिस ने चेंगलपट्टू के एक स्क्रैप यार्ड से तीन बांग्लादेशी नागरिकों — जाकिर बक्कीर, अब्दुल सलाम सिथेरी और आरिफ सिथेरी — को गिरफ्तार किया। ये तीनों बिना दस्तावेज भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर कोलकाता होते हुए चेन्नई पहुँचे थे। पुलिस अब संगठित नेटवर्क की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु Q ब्रांच पुलिस ने 20 जुलाई को चेंगलपट्टू जिले के कनिवक्कम स्क्रैप यार्ड से तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान जाकिर बक्कीर (26) , अब्दुल सलाम सिथेरी (28) और आरिफ सिथेरी (25) के रूप में हुई।
तीनों ने पहले स्वयं को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया, लेकिन पूछताछ में बांग्लादेशी नागरिक होना स्वीकार किया।
जाँच के अनुसार तीनों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्से से अवैध प्रवेश किया और कोलकाता होते हुए चेन्नई पहुँचे।
पुलिस अब संभावित संगठित नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों की पहचान के लिए जाँच का दायरा बढ़ा रही है।

तमिलनाडु की Q ब्रांच पुलिस ने 20 जुलाई को चेंगलपट्टू जिले के कनिवक्कम स्थित एक स्क्रैप यार्ड में छापा मारकर तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जो बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर वहाँ काम और निवास कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों की पहचान जाकिर बक्कीर (26), अब्दुल सलाम सिथेरी (28) और आरिफ सिथेरी (25) के रूप में हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

चेंगलपट्टू Q ब्रांच को एक गुप्त सूचना मिली थी कि गुडुवांचेरी के निकट कनिवक्कम के एक स्क्रैप यार्ड में कार्यरत कुछ मजदूर संदिग्ध रूप से बांग्लादेशी नागरिक हो सकते हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने उस स्थल का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उत्तर भारत के लगभग आठ प्रवासी मजदूर काम और निवास कर रहे थे।

पूछताछ के दौरान तीन मजदूरों ने शुरू में स्वयं को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया। हालाँकि उनके बयानों में स्पष्ट विसंगतियाँ सामने आने पर गहन जाँच की गई, जिसके बाद तीनों ने स्वीकार किया कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं।

अवैध प्रवेश का संदिग्ध मार्ग

जाँचकर्ताओं के अनुसार, तीनों में से कोई भी पासपोर्ट, वीज़ा या कोई अन्य वैध पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। प्रारंभिक जाँच से संकेत मिलते हैं कि तीनों ने कई महीने पहले भारत-बांग्लादेश सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्से से अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था।

पुलिस को संदेह है कि सीमा पार करने के बाद वे सड़क मार्ग से कोलकाता पहुँचे और वहाँ से काम की तलाश में चेन्नई के लिए ट्रेन में सवार हुए। चेन्नई के उपनगरीय क्षेत्र में पहुँचने के बाद तीनों ने दिहाड़ी मजदूरी तलाशी और अंततः कनिवक्कम के स्क्रैप यार्ड में नौकरी हासिल की, जहाँ वे कुछ समय से कार्यरत थे।

कानूनी कार्रवाई और आरोप

पूछताछ के उपरांत Q ब्रांच ने भारत में अवैध प्रवेश और अनधिकृत निवास से संबंधित प्रावधानों के तहत तीनों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब अवैध प्रवासन और सीमा सुरक्षा राष्ट्रीय विमर्श का अहम हिस्सा बनी हुई है। गौरतलब है कि दक्षिण भारत के महानगरों में बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध उपस्थिति के मामले पूर्व में भी सामने आ चुके हैं।

जाँच का विस्तार

अधिकारियों ने बताया कि जाँच का दायरा अब उन व्यक्तियों तक बढ़ा दिया गया है जिन्होंने भारत आने के बाद इन तीनों को नौकरी या रहने की जगह दिलाने में संभवतः सहायता की। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी संगठित नेटवर्क या स्थानीय मददगारों की भूमिका रही है।

इसके साथ ही चेन्नई के उपनगरीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि प्रवासी मजदूरों के भेष में अवैध रूप से रह रहे अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान की जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरी प्रणालीगत खामी की कहानी है — बिना बाड़ वाली सीमा, कोलकाता से चेन्नई तक बिना जाँच का सफर, और महीनों तक बिना दस्तावेज काम करना। सवाल यह है कि स्थानीय नियोक्ता ने दस्तावेज क्यों नहीं माँगे और क्या यह अकेला मामला है या किसी बड़े नेटवर्क की एक कड़ी। दक्षिण भारत के महानगरों में ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या संकेत देती है कि सीमा सुरक्षा और आंतरिक निगरानी दोनों स्तरों पर समन्वित नीति की जरूरत है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में गिरफ्तार तीन बांग्लादेशी नागरिक कौन हैं?
गिरफ्तार तीनों व्यक्तियों की पहचान जाकिर बक्कीर (26), अब्दुल सलाम सिथेरी (28) और आरिफ सिथेरी (25) के रूप में हुई है। ये तीनों चेंगलपट्टू जिले के कनिवक्कम स्थित एक स्क्रैप यार्ड में अवैध रूप से काम और निवास कर रहे थे।
इन बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत में कैसे प्रवेश किया?
जाँचकर्ताओं के अनुसार, तीनों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्से से अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से कोलकाता पहुँचे और वहाँ से ट्रेन द्वारा चेन्नई आए।
तमिलनाडु Q ब्रांच ने इन्हें कैसे पकड़ा?
चेंगलपट्टू Q ब्रांच को एक गुप्त सूचना मिली थी कि कनिवक्कम के स्क्रैप यार्ड में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक काम कर रहे हैं। पुलिस की विशेष टीम ने औचक निरीक्षण किया और पूछताछ में बयानों की विसंगतियों के आधार पर तीनों की पहचान की।
गिरफ्तार व्यक्तियों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
तीनों के विरुद्ध भारत में अवैध प्रवेश और अनधिकृत निवास से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ जारी है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस ने जाँच का दायरा बढ़ाते हुए उन व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है जिन्होंने इन तीनों को नौकरी या रहने की जगह दिलाने में मदद की। साथ ही किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका की भी जाँच की जा रही है, जिससे आगे और गिरफ्तारियों की संभावना बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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